नई दिल्ली: झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन से एक ओर जहां पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ पड़ी है वहीं दूसरी ओर जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे राज्य के शिक्षा मंत्री और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के आंदोलन के दिनों के सहयोगी रहे रामदास सोरेन के हालात भी ठीक नहीं है. हालांकि पिछले 24 घंटे से उनसे संबंधित जानकारी ना तो पार्टी स्तर से उपलब्ध कराई गई है ना ही सरकार के स्तर से. ऐसे में अनहोनी की आशंका प्रबल होने लगी है.

मालूम हो कि तीन दिन पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन अपने आवास के वॉशरूम में गिर गए थे जिससे उनके सर में गंभीर चोटे आई थी. डॉक्टरों के अनुसार उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ है. उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. इस बीच उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ती रही. हालांकि बाद में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने सभी अफवाहों का खंडन करते हुए कहा था कि उनका स्वास्थ्य स्थिर है. उसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपोलो अस्पताल पहुंचकर शिक्षा मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और परिजनों को ढाँढस बंधया था. फिर स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी भी अपोलो अस्पताल पहुंचे और परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा था कि विपदा की इस घड़ी में पूरी सरकार उनके साथ खड़ा है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो शिबू सोरेन के निधन की खबर सामने आ गई और पूरा राज्य शिबू सोरेन के शोक में डूब गया, मगर शिक्षा मंत्री कैसे हैं यह जानने को हर कोई आतुर है.

