खरसावां: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खरसावां के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कन्हैया लाल उरांव और एमपीडब्ल्यू स्वरूप चंद्र प्रधान से अस्पताल प्रशासन ने स्पष्टीकरण तलब किया है. जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई की रात ड्यूटी में तैनाती के बावजूद दोनों कर्मी अनुपस्थित पाए गए थे. बताया गया कि रात्रि 7:30 बजे एक सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों के उपचार में कठिनाई आई. मामले में अधीक्षक को आम जनता के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा.

प्रशासन ने कहा कि पूर्व में भी डॉ. कन्हैया लाल उरांव बिना सूचना के अनुपस्थित रहे हैं. इसको लेकर उनके मानदेय भुगतान पर रोक का आदेश निर्गत किया गया था. वहीं एमपीडब्ल्यू स्वरूप चंद्र प्रधान पर बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहने का आरोप है. अस्पताल प्रशासन ने दोनों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर मानदेय अवरुद्ध कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.
13 जुलाई की रात घायलों को नहीं मिली थी समुचित इलाज, बाद में दोनों ही हुई मौत
13 जुलाई की रात खरसावां आमदा मुख्य मार्ग पर सड़क दुर्घटना में आमदा गांव के देव मोहंती एवं छोटा आमदा के साहिल महतो गंभीर रुप से घायल हो गये थे. किसी अज्ञात हाइवा ने बाइक सवार दोनों युवकों को टक्कर मारकर फरार हो गया था. दुर्घटना के 15 मिनट के भीतर दोनों घायलों को खरसावां सीएचसी पहुंचाया गया था, परंतु अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ कन्हैया लाल उरांव गायब मिले. काफी देर तक डॉक्टरों का इंतजार करने के बाद भी जब सीएचसी में डॉक्टर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने दोनों जख्मी युवकों को जमशेदपुर के टीएमएच ले गए. टीएमएच पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों युवकों को मृत्यु घोषित कर दिया. इन दोनों घायलों को खरसावां में प्राथमिक तौर पर समुचित उपचार नहीं मिल पाया था. रविवार की रात फिर एक बार खरसावां सीएचसी के अव्यवस्था व डॉक्टरों के ड्यूटी से गायब रहने की पोल खुल गयी थी. खरसावां अस्पताल में रविवार शाम 4 बजे से डॉक्टर कन्हैयालाल की ड्यूटी थी, लेकिन वे अपनी ड्यूटी से गायब थे. घायलों को खरसावां से जमशदपुर भेजेने के करीब 15 मिनट बाद अस्पताल में डॉक्टर पहुंचें. डॉक्टरों की कार्य के प्रति लापरवाही के कारण लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.

