कपाली/Afroj Mallik बारिश के मौसम में कपाली की हालत किसी टापू से कम नहीं होती, चारों ओर पानी ही पानी, सड़कें गायब, गलियाँ कीचड़ से लबालब और नालियों से उफनता गंदा पानी, यहां के लोगों की रोज़मर्रा की कहानी बन चुकी है.


सबसे दुःखद पहलू यह है कि छोटे-छोटे बच्चे इसी हालात में हर रोज़ स्कूल और ट्यूशन जाने को मजबूर हैं, जलजमाव और फिसलन भरी सड़कों से होकर बच्चों का स्कूल पहुंचना किसी युद्ध से कम नहीं, ना तो सही रास्ते हैं, ना नाली निकासी की व्यवस्था फिर भी यहां की जनता और बच्चे शिक्षा का दीप जलाए हुए हैं.
स्थानीय निवासी बार-बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला, न तो जलनिकासी की समुचित योजना बनाई गई, न जर्जर सड़कों का मरम्मत किया गया. सेवा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता व स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो हालात और बद से भी बदतर हो सकता हैं.

यह सिर्फ एक इलाका नहीं, हज़ारों लोगों की ज़िंदगी और भविष्य का सवाल है हम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग करते हैं कि कपाली क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए और यहां के बच्चों के भविष्य को कीचड़ में डूबने से बचाया जाए।

