सरायकेला/घाटशिला Team indianewsviral.co.in अंततः छठे दिन सरायकेला बालमित्र कक्ष में संदिग्ध रूप से मृत पाए गए घाटशिला के मुड़ाकाटी गांव निवासी मोहन मुर्मू के पार्थिव शरीर को मुक्ति मिलने की उम्मीद जग गई है. रविवार देर रात परिजन शव लेने पर सहमत हो गए हैं.

वैसे यह इतना आसान भी नहीं था. पिछले पांच दिनों से उपायुक्त एवं एसपी परिजनों को हर संभव सहयोग करने का भरोसा देते रहे मगर परिजन अपनी मांगों पर डटे रहे. अंततः गम्हरिया थाना प्रभारी की सूझबूझ और घाटशिला जिला परिषद सदस्य, स्थानीय पुलिस- प्रशासन के सूझबूझ से परिजन पांच लाख मुआवजा लेने एवं नौकरी के लिए पहल करने के आश्वासन पर शव लेने पर सहमत हुए. तत्काल परिजनों को दो लाख नगद मुआवजा सौंपा गया. मुआवजा एसडीपीओ हरविंदर सिंह ने अपने हाथों से नाबालिग के पिता दुबाई मुर्मू को सौंपा. साथ ही सोमवार को डालसा कोर्ट से तीन लाख मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया और शव को घर तक पहुंचाने का प्रबंध किए जाने की बात कहते हुए सोमवार को सरायकेला आने की बात कही. जिसपर परिजन सहमत हो गए. मौके पर जिला परिषद देव्यानी मुर्मू व अन्य जनप्रतिनिधि के अलावे घाटशिला पुलिस- प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे.
जिला परिषद की रही सराहनीय भूमिका
इस पूरे प्रकरण में घाटशिला जिला परिषद देव्यानी मुर्मू, मुखिया संघ के सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही. इनके प्रयासों से परिजनों को शव लेने पर राजी किया गया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वजह से ही सोमवार को मृतक के शरीर को मुक्ति मिलने की संभावना है.
आज परिजन लेंगे अपने पुत्र का शव !
सबकुछ ठीक ठाक रहा तो आज मृतक के शव को मुक्ति मिलने की संभावना है. पिछले पांच दिनों से परिजन तीन मांगों पर अड़े रहे. एसपी ने पहली मांग तो तत्काल मानते हुए आरोपी थानेदार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तारी का निर्देश दे दिया है, जबकि दूसरे और तीसरे मांग को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई थी. कई दौर की वार्ता और गम्हरिया थाना प्रभारी राजीव कुमार के सूझबूझ से रविवार को परिजन जिला प्रशासन के आश्वासन पर शव लेने पर सहमत हुए.

