सरायकेला/ Pramod Singh जिले की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष बीजू दत्ता ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के हालिया बयान पर तीखा प्रहार करते हुए इसे “निष्ठुर राजनीति और छलावे की पराकाष्ठा” करार दिया. बीजू दत्ता ने कहा कि भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ताओं को झामुमो द्वारा अपना मानने से इनकार करना सच्चाई से भागने जैसा है. उन्होंने दावा किया कि पवन कवि के नेतृत्व और वर्षों से किए गए सामाजिक कार्यों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग भाजपा में शामिल हुए हैं, जिनमें अधिकतर झामुमो के कार्यकर्ता रहे हैं.

उन्होंने कहा कि झामुमो का यह कहना कि भाजपा में शामिल लोग उनके कार्यकर्ता नहीं हैं, न केवल हास्यास्पद है, बल्कि उन समर्पित कार्यकर्ताओं के संघर्ष और योगदान का भी अपमान है, जिन्होंने वर्षों तक पार्टी को मजबूत बनाने में भूमिका निभाई.
बीजू दत्ता ने सरायकेला की जनता का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के लोग हर उस चेहरे को पहचानते हैं, जिन्होंने झामुमो के लिए दिन-रात मेहनत की. चुनाव और प्रचार में सक्रिय रहे इन कार्यकर्ताओं को आज नकारा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने झामुमो के रवैये की तुलना करते हुए कहा कि यह अपने ही लोगों से पल्ला झाड़ने जैसा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक दल के लिए शर्मनाक है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक कार्यकर्ता पार्टी के लिए काम करते रहे, तब तक उन्हें समर्पित माना गया, लेकिन वैचारिक बदलाव के बाद उन्हें पराया कर दिया गया.
बीजू दत्ता ने कहा कि राजनीति सेवा का माध्यम होना चाहिए, न कि स्वार्थ सिद्धि का. उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और सही समय पर जवाब देगी. भाजपा ने स्पष्ट किया कि उसका मूलमंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” है और पार्टी अंत्योदय व लोककल्याण के मार्ग पर चलते हुए झारखंड के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही पार्टी ने दावा किया कि आगामी चुनाव में जनता विश्वासघात का जवाब अपने मतों से देगी.

