सरायकेला: जिला शिक्षा विभाग में फर्जी पदोन्नति को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर चार शिक्षकों ने गलत तरीके से पदोन्नति हासिल की.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं. जानकारी के अनुसार डीईओ की अध्यक्षता में गठित कमिटी पूरे मामले की जांच करेगी.
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित शिक्षकों ने विभाग की कमजोर कड़ियों का फायदा उठाते हुए एक “मैसेंजर” सहयोगी के माध्यम से पूरे खेल को अंजाम दिया. आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए नियमों को मोड़कर पदोन्नति का लाभ लिया गया. मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अन्य शिक्षक ने डीईओ को पत्र लिखकर इस गड़बड़ी की जांच की मांग की. शिकायत मिलते ही विभाग हरकत में आया और आरोपित शिक्षकों से जवाब तलब किया गया.
जिन शिक्षकों पर आरोप लगे हैं, उनमें विमल डोगरा, कौशिक दत्ता, कामिनी कांत मेहता समेत एक अन्य शामिल हैं. सूत्रों का कहना है कि ये शिक्षक लंबे समय से कार्यालय स्तर पर सक्रिय रहे हैं और विभागीय प्रक्रियाओं की बारीकियों से भली- भांति परिचित हैं. यह भी आरोप है कि मामला उजागर होने के बाद कुछ शिक्षकों को गोलबंद कर शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने की कोशिश की गई.
डीईओ ने स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इस मामले ने शिक्षा विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. अब सबकी नजर जांच कमिटी की रिपोर्ट पर टिकी है.
Report By Pramod Singh

