सरायकेला: जिले में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है. सोमवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने समाहरणालय के मुख्य द्वार पर स्थापित बिरसा हरित ग्राम योजना के आम बिक्री स्टॉल का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस) पंकज कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.


बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में फलदार पौधों की खेती और बागवानी को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल आठ आम बिक्री स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं, जहां किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न किस्म के ताजे और गुणवत्तापूर्ण आम सीधे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि ऐसे बिक्री केंद्र किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित कर रहे हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम बिक्री स्टॉलों का संचालन मांग और खपत के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए. साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता, उचित मूल्य निर्धारण और किसानों की अधिकतम भागीदारी पर विशेष ध्यान देने को कहा.
इस पहल के तहत सरायकेला आजीविका महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) को अपनों मार्ट के माध्यम से 1,000 किलोग्राम आम्रपाली आम की आपूर्ति का पहला क्रय आदेश प्राप्त हुआ है. ₹60 प्रति किलोग्राम की दर से मिले इस ऑर्डर को किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे स्थानीय उत्पादकों को संगठित बाजार से जुड़ने और बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.
जिला प्रशासन का कहना है कि मनरेगा, बिरसा हरित ग्राम योजना और आजीविका संवर्धन कार्यक्रमों से जुड़े लाभुकों को बाजारोन्मुख गतिविधियों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, महिला उत्पादक समूहों को सशक्त करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.



