सरायकेला/ Pramod Singh लोक आस्था के महापर्व चैती छठ का शुभारंभ रविवार को जिले में पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ हो गया. व्रतियों ने परंपरागत कद्दू- भात (नहाय- खाय) के साथ व्रत की शुरुआत की, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बन गया.

सुबह से ही व्रती पवित्र नदी- तालाबों में स्नान कर घरों की शुद्धि के बाद भगवान सूर्य की उपासना में जुट गए. घर- घर में कद्दू- भात का प्रसाद तैयार किया गया, जिसे ग्रहण कर व्रत का संकल्प लिया गया. छठ गीतों और भक्ति संगीत से गांव- शहर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया. महिलाएं विशेष रूप से इस व्रत को पूरी निष्ठा और नियम के साथ कर रही हैं. छठ पर्व को लेकर घाटों की साफ- सफाई, सजावट और रोशनी की तैयारियां भी तेज हो गई हैं.
व्रतियों का मानना है कि यह व्रत कठिन तपस्या और अटूट विश्वास का प्रतीक है, जो सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद देता है.
अब व्रती सोमवार को खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत रखेंगी. इसके बाद मंगलवार को संध्या अर्घ्य और बुधवार को प्रातः अर्घ्य के साथ पर्व का समापन होगा.

