
रांची: जिले के सीमावर्ती इलाकों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की रोक के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध बालू परिवहन का मामला सामने आया है. रांची जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र से रडगांव- खरसावां- कुचाई मार्ग होकर घने जंगलों के रास्ते चोरी- छिपे बालू की तस्करी की जा रही है. पहाड़ी और जंगल से घिरा यह मार्ग बालू माफियाओं के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनता जा रहा है. इसी रास्ते से अवैध बालू सरायकेला- खरसावां जिले के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाए जाने की आशंका जताई जा रही है.


शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे बुंडू डीएसपी ओम प्रकाश के नेतृत्व में तमाड़ थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध बालू से लदे चार हाइवा जब्त कर लिए. पुलिस टीम को देखते ही सभी चालक वाहन सड़क पर छोड़कर मौके से फरार हो गए. इसके बाद पुलिस ने चारों हाइवा को जब्त कर तमाड़ थाना पहुंचाया और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी.
पुलिस के अनुसार, तड़के सूचना मिली थी कि सरजमडीह की ओर से भुइयांडीह की दिशा में अवैध बालू से लदे हाइवा गुजरने वाले हैं. सूचना मिलते ही संभावित मार्ग पर घेराबंदी की गई. कुछ ही देर बाद चारों हाइवा वहां पहुंचे, लेकिन पुलिस को देखकर चालक फरार हो गए.
जांच के दौरान पुलिस को एक और बड़ा तथ्य मिला. जब्त किए गए चार हाइवा में से तीन वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर मिटे हुए पाए गए, जबकि केवल एक वाहन का नंबर स्पष्ट था. पुलिस अब वाहनों के वास्तविक मालिकों, दस्तावेजों और उनके संचालन से जुड़े लोगों की पहचान में जुटी है. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन हाइवा के जरिए रडगांव मार्ग से अवैध बालू खरसावां क्षेत्र में पहुंचाई जानी थी.
फिलहाल चारों हाइवा तमाड़ थाना परिसर में जब्त हैं. फरार चालकों की तलाश जारी है. पुलिस अवैध बालू के स्रोत, परिवहन नेटवर्क और पूरे गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और अवैध बालू परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
Edited By Sarita





