जामताड़ा: धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर बराकर नदी में बना बैजड़ा घाट पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया. जामताड़ा की ओर पिलर नंबर छह के पास पुल का हिस्सा करीब डेढ़ फीट तक धंस गया, जिससे पुल पर दरारें पड़ गई हैं. पुल की स्थिति को देखते हुए बड़े हादसे की आशंका के मद्देनजर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद के निर्देश पर पुल से वाहनों की आवाजाही तत्काल बंद कर दी गई है.


पुल पर आवागमन बंद होने से धनबाद और जामताड़ा के बीच रोजाना आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है. लोगों को अब वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी. इस कारण व्यापारी, विद्यार्थी, नौकरी-पेशा लोगों और अन्य यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है.
ग्रामीणों ने बालू उठाव पर उठाए सवाल.
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बराकर नदी में लंबे समय से हो रहे बालू उठाव और नदी के तेज बहाव के कारण पुल के पिलर के आसपास की मिट्टी और नदी की तलहटी कमजोर हो गई है. सुखजोड़ा पंचायत के मुखिया जोसेफ मुर्मू और ग्राम प्रधान अशोक सिंह ने कथित अवैध बालू उठाव को पुल के क्षतिग्रस्त होने का प्रमुख कारण बताया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने और यदि अवैध बालू उठाव की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
2009 में पांच करोड़ की लागत से बना था पुल.
बैजड़ा घाट पुल का निर्माण वर्ष 2009 में विशेष प्रमंडल, जामताड़ा की ओर से करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था. पुल के निर्माण के बाद धनबाद और जामताड़ा के बीच सीधा और सुगम संपर्क स्थापित हुआ था. यह मार्ग आसपास के ग्रामीणों के साथ-साथ व्यापारियों, विद्यार्थियों और नौकरी-पेशा लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है.
जेसीबी से मिट्टी भराई, तकनीकी जांच शुरू.
पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम, थाना प्रभारी और पथ निर्माण विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू ने बताया कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद करा दी गई है. जेसीबी के माध्यम से मिट्टी भराई का काम कराया जा रहा है. साथ ही पुल की वास्तविक स्थिति और क्षति के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है.
पुल के अचानक क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में चिंता का माहौल है. अब तकनीकी जांच की रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि पुल की तत्काल मरम्मत कर आवागमन बहाल किया जा सकता है या इसकी सुरक्षा को लेकर कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

