सरायकेला: जिले के राजनगर प्रखंड के मगरकेला गांव में सर्पदंश का शिकार हुए एक युवक की जान राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में समय पर मिले उपचार से बच गई. जहरीले सांप के डंसने के बाद युवक की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. परिजनों ने बिना देर किए उसे तत्काल राजनगर सीएचसी पहुंचाया.


सीएचसी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. मनीष देमता ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत जांच की. सर्पदंश की पुष्टि होते ही उन्होंने बिना समय गंवाए एंटी-स्नेक वेनम (एंटीवेनम) इंजेक्शन सहित आवश्यक उपचार शुरू कराया. डॉक्टर की तत्परता और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रियता से युवक की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और उसकी जान बच गई.
डॉ. मनीष देमता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की घटना होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद न करें. मरीज को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाएं. उन्होंने कहा कि समय पर एंटीवेनम और उचित चिकित्सा मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है.
घटना के बाद युवक के परिजनों ने डॉ. मनीष देमता एवं राजनगर सीएचसी की पूरी स्वास्थ्य टीम का आभार व्यक्त किया. स्थानीय लोगों ने भी चिकित्सक की तत्परता और अस्पताल की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मिले उपचार से एक परिवार की खुशियां बच गईं.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल





