जामताड़ा: सदर अस्पताल में प्रसूता की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को लेकर शनिवार को दुमका लोकसभा के पूर्व सांसद सुनील सोरेन के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत जांच कराने तथा सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर प्राथमिकी पर पुनर्विचार करने की मांग की.


भाजपा नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी आक्रोश था. उस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ताओं ने कानून- व्यवस्था बनाए रखने तथा स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया था.
प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के वीडियो से स्पष्ट होता है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने न तो किसी प्रकार की तोड़फोड़ की और न ही हिंसक गतिविधियों में भाग लिया. बल्कि उन्होंने भीड़ को शांत कराने और प्रशासन का सहयोग करने का प्रयास किया.
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि अन्य राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के आंदोलनों में इस प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि इस मामले में केवल भाजपा के चुनिंदा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने इसे राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रेरित कार्रवाई बताया.
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि मामले में उपलब्ध सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच कर प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक भूमिका का आकलन किया जाए तथा जिन लोगों की किसी भी प्रकार की संलिप्तता नहीं है, उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर विधिसम्मत पुनर्विचार किया जाए.
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद सुनील सोरेन, पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष बबीता झा, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुरेश राय, मिहिजाम नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन बालमुकुंद दास, जिला उपाध्यक्ष मोहन शर्मा, जिला मंत्री अबीता हांसदा सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता उपस्थित थे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





