रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के जरिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की है. प्रधानमंत्री के इस संदेश के बीच झारखंड की राजनीति में छात्र आंदोलन को लेकर सियासी सरगर्मी भी तेज है.



राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्र धरना और आमरण अनशन पर बैठे हैं. छात्रों की मांगों को लेकर भाजपा, आजसू, जेएलकेएम, लोजपा और जदयू समेत विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमलावर हैं.
छात्रों और सरकार के बीच अब तक तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन बातचीत से कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका है. सरकार का दावा है कि छात्रों की ज्यादातर मांगों पर सहमति बन चुकी है और मामले में सीआईडी जांच समेत कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है. वहीं छात्र सीबीआई जांच और सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं.
सरकार की ओर से जेपीएससी बैकलॉग 2023, जेपीएससी बैकलॉग 2025 और 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की सीआईडी जांच कराने तथा संबंधित आपराधिक मामलों की जांच सीआईडी और आर्थिक पहलुओं की जांच ईडी से कराने पर सहमति की बात कही गई है.
इसके अलावा जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आईआईएम रांची, आईआईटी, आईएसएम और भारतीय सांख्यिकी संस्थान जैसे संस्थानों की मदद लेने, मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने और त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रस्ताव भी सामने आया है. जांच रिपोर्ट 90 दिनों के भीतर सरकार को सौंपने की बात भी कही गई है.
हालांकि सीजीएल परीक्षा को लेकर सरकार और छात्रों के बीच सबसे बड़ा गतिरोध बना हुआ है. सरकार का तर्क है कि परीक्षा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत हुई है और कई अभ्यर्थी वर्तमान में नौकरी कर रहे हैं, इसलिए परीक्षा रद्द करना संभव नहीं है. दूसरी ओर छात्र सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं.
इधर छात्र सोमवार को विधानसभा घेराव की तैयारी में जुटे हैं. भाजपा भी लगातार आंदोलन और प्रदर्शन के जरिए सरकार पर दबाव बना रही है. ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की बधाई देना राजनीतिक तौर पर भी चर्चा का विषय बन गया है.
सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं के बीच राज्य में जारी राजनीतिक टकराव और छात्र आंदोलन को लेकर कोई नया सियासी संदेश निकलता है. फिलहाल कांग्रेस मजबूती के साथ हेमंत सोरेन सरकार के साथ खड़ी है, जबकि विपक्षी दल छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बढ़ा रहे हैं.





