जामताड़ा: घर में सीमित बिजली खपत के बावजूद हजारों रुपये का बिजली बिल मिलने से मिहिजाम के उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है. गलत और असामान्य बिजली बिल जारी किए जाने की शिकायतों को लेकर मिहिजाम नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष बालमुकुंद रविदास ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तत्काल बिल सुधार की मांग की है.


इस संबंध में उन्होंने जिला विद्युत कार्यपालक अभियंता, जामताड़ा के नाम एक ज्ञापन सहायक विद्युत अभियंता, मिहिजाम को सौंपा. ज्ञापन में उन्होंने कहा कि शहर के कई उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक बिजली खपत से कई गुना अधिक राशि का बिल भेजा जा रहा है. स्थिति यह है कि छोटे और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घरों में जहां रोशनी के लिए महज एक-दो बल्ब का उपयोग होता है, उन्हें भी 40 से 50 हजार रुपये तक का बिजली बिल थमा दिया जा रहा है.
इतनी बड़ी राशि का बिल मिलने से उपभोक्ता परेशान हैं और बिल सुधार के लिए विद्युत विभाग के कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं. रविदास का आरोप है कि कई उपभोक्ताओं के घरों में लंबे समय से मीटर रीडिंग तक नहीं की गई है. शिकायत और आवेदन देने के बावजूद वास्तविक मीटर रीडिंग के बजाय औसत खपत के आधार पर बिल तैयार किए जाने से बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है.
उन्होंने कहा कि गलत बिजली बिल के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा है. उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक बिजली खपत के अनुरूप बिल मिलना चाहिए, ताकि उन्हें विभागीय लापरवाही का खामियाजा नहीं भुगतना पड़े.
पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष ने विद्युत विभाग से मिहिजाम शहर में विशेष बिजली बिल सुधार अभियान चलाने, घर-घर जाकर मीटर रीडिंग की जांच कराने और शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल समाधान करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मिहिजाम के उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं. ऐसे में गलत और असामान्य बिल जारी कर उन्हें परेशान करना उचित नहीं है.
रविदास ने विद्युत विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द बिजली बिलों की जांच और आवश्यक सुधार करने की अपील की है, ताकि प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

