सरायकेला: पारडीह काली मंदिर में जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध संत महंत विद्यानंद सरस्वती जी महाराज का जन्मोत्सव सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और गणमान्य लोग उपस्थित हुए तथा गुरुजी को पुष्पमाला और भगवा वस्त्र अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया.


जन्मोत्सव समारोह का माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा. श्रद्धालुओं ने महंत विद्यानंद सरस्वती के सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, धार्मिक जागरण और समाज सेवा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम के दौरान वैदिक परंपराओं के अनुरूप पूजा-अर्चना भी की गई.
अपने संबोधन में महंत विद्यानंद सरस्वती ने लोगों को धर्म, सेवा, संस्कार और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के मूल्यों को अपनाकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है. उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान भी किया.
कार्यक्रम में महंत इंद्रानंद सरस्वती, मेघानंद सरस्वती, पूर्व जिला परिषद सदस्य मधुसूदन गोराई, प्रमोद उरांव, जदयू नेता भवानी सिंह, आशुतोष सिंह, शंकर मंडल, मनोज सिंह, लालटू दास, अभिषेक सिंह, रोहित यादव, रंजन राजपूत, सुमेन घोष, अजीत पात्र, शिबू सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
समारोह के अंत में श्रद्धालुओं ने महंत विद्यानंद सरस्वती के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर आध्यात्मिक मार्गदर्शन की कामना करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. पूरे आयोजन में श्रद्धा, सम्मान और सनातन परंपराओं की झलक देखने को मिली.
रिपोर्ट: अफ़रोज़ मल्लिक



