खूंटी: पुलिस को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने कर्रा थाना क्षेत्र के मुरहू जंगल में छापेमारी कर संगठन के तीन हार्डकोर उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार उग्रवादियों पर रेलवे कार्यस्थल पर फायरिंग, पर्चा साटने, दहशत फैलाने और आगजनी की कोशिश जैसे गंभीर आरोप हैं.

जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल को कर्रा थाना क्षेत्र के कटमकुकू महुआटोली के समीप रेलवे लाइन मिट्टी फिलिंग कार्य में लगे वाहनों पर हथियारबंद उग्रवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी. घटना के दौरान पीएलएफआई संगठन के पर्चे चिपकाए गए थे और एक वाहन में आग लगाने की भी कोशिश की गई थी. इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और पुलिस लगातार उग्रवादियों की तलाश में अभियान चला रही थी.
इसी बीच पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग को गुप्त सूचना मिली कि कर्रा थाना क्षेत्र के मुरहू जंगल में पीएलएफआई संगठन के सदस्य किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं और संगठन विस्तार को लेकर बैठक करने वाले हैं. सूचना मिलते ही एसडीपीओ तोरपा क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया.
पुलिस टीम ने जंगल में घेराबंदी कर तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम सिंहभूम निवासी सैमुएल गुड़िया, तपकारा निवासी धीरज स्वांसी और रनिया निवासी सुनिल स्वांसी के रूप में हुई है.
पुलिस ने इनके कब्जे से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, पीएलएफआई संगठन के पर्चे, मोबाइल फोन और पहचान पत्र बरामद किए हैं. पूछताछ में आरोपियों ने रेलवे कार्यस्थल पर फायरिंग, पर्चा चिपकाने और आगजनी की कोशिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. साथ ही तोरपा थाना क्षेत्र में गैस संचालक के वाहन पर हुई गोलीबारी की घटना में भी शामिल होने की बात कबूली है.
एसपी के अनुसार इन मामलों में पहले से कर्रा थाना कांड संख्या 31/2026 और तोरपा थाना कांड संख्या 19/2026 दर्ज है. गिरफ्तार आरोपी सैमुएल गुड़िया का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज है. एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि जिले में उग्रवादी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिस लगातार अभियान चलाकर संगठन के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हुई है. उन्होंने कहा कि बाकी उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है. लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से साफ है कि खूंटी और आसपास के इलाकों में एक बार फिर पीएलएफआई अपने नेटवर्क को सक्रिय करने की कोशिश में जुटा है. हालांकि पुलिस की सक्रियता ने संगठन की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया. सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की भी जांच कर रही हैं कि संगठन को हथियार और आर्थिक मदद कहां से मिल रही थी.

