सरायकेला: लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच खरकई नदी को लेकर चिंता बढ़ गई है. सोमवार को जारी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार आदित्यपुर स्थित खरकई पुल पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.44 मीटर ऊपर पहुंच गया है. इससे आदित्यपुर सहित खरकई नदी के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.


मुख्य अभियंता एसएमपी, ईचा-गलुडीह कॉम्प्लेक्स, आदित्यपुर-जमशेदपुर के अंतर्गत संचालित बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ की ओर से जारी रिपोर्ट में खरकई नदी और गंजिया बैराज के जलस्तर की स्थिति दर्ज की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक खरकई नदी का खतरे का स्तर 123.00 मीटर निर्धारित है. इसके मुकाबले वर्तमान जलस्तर 124.44 मीटर दर्ज किया गया है. यानी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.44 मीटर ऊपर पहुंच चुका है.
वहीं गंजिया बैराज में जलस्तर 135.80 मीटर दर्ज किया गया है. बैराज से 1853.02 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है. जलस्तर और पानी के दबाव को देखते हुए बैराज के सभी 10 गेट पूरी तरह खोल दिए गए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित की जा सके.
बाढ़ की स्थिति पर फ्लड कंट्रोल सेल और डिजाइन डिवीजन नंबर-3, आदित्यपुर की लगातार निगरानी बनी हुई है. विभाग की ओर से नदी के जलस्तर और बैराज से होने वाली पानी की निकासी पर नजर रखी जा रही है. रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जलस्तर की रीडिंग टेलीफोन के माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर दर्ज की गई है.
खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद आदित्यपुर और नदी के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है. प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. यदि नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

