जामताड़ा: झारखंड प्रदेश स्वास्थ्य सहिया संघ, जामताड़ा शाखा के बैनर तले सोमवार को जिले की स्वास्थ्य सहियाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. धरना के बाद सहियाओं ने स्वास्थ्य मंत्री सह स्थानीय विधायक डॉ. इरफान अंसारी और उपायुक्त आलोक कुमार को मांगपत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की.


जिला अध्यक्ष मिताली मंडल के नेतृत्व में आयोजित धरना में मालती मंडल, गायत्री मंडल, कालीदासी मुर्मू, जेबा मंडल, कल्पना गौरांग और चित्रा पाल सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य सहियाएं शामिल हुईं. इस दौरान सहियाओं ने प्रोत्साहन राशि के बजाय 18 हजार रुपये प्रतिमाह फिक्स मानदेय लागू करने और उन्हें राजकर्मी का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई.
जिला अध्यक्ष मिताली मंडल ने कहा कि पूरे झारखंड में करीब 42 हजार स्वास्थ्य सहियाएं कार्यरत हैं. वहीं जामताड़ा जिले में लगभग 1650 सहियाएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2005-06 से सहियाएं अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार लगातार काम कर रही हैं. बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए प्रेरित करने, मलेरिया नियंत्रण, कुपोषित बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों को गांवों तक पहुंचाने में सहियाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है.
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी सहियाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं. इसके बावजूद कोविड काल में किए गए कार्यों की बकाया राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है. सहियाओं का कहना है कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है. साथ ही पर्याप्त और नियमित मानदेय भी नहीं मिल रहा है. वर्तमान में मिलने वाली करीब दो हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी समय पर नहीं मिलने से सहियाओं को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
सहियाओं ने सरकार से ग्रामीण और शहरी सहियाओं के लिए 18 हजार रुपये प्रतिमाह का फिक्स मानदेय लागू करने, राजकर्मी का दर्जा देने, उच्च योग्यताधारी सहियाओं को एएनएम प्रशिक्षण देने और राज्य की नियुक्तियों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की. इसके अलावा सभी सहियाओं को 10 लाख रुपये का बीमा कवरेज देने और वर्ष में दो बार ड्रेस के लिए राशि उपलब्ध कराने की मांग भी की गई.
सहियाओं ने प्रत्येक पंचायत में एंबुलेंस के साथ स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने, वहां डॉक्टर और नर्स की व्यवस्था करने तथा पंचायत में कार्यरत सहियाओं की तिथिवार प्रतिनियुक्ति करने की मांग रखी. प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हेल्प डेस्क सहिया की व्यवस्था, यात्रा भत्ता देने और वीएचएसएनसी फंड को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग भी शामिल है.
इसके साथ ही कोविड-19 के दौरान किए गए कार्यों की बकाया राशि का भुगतान, सभी सहियाओं को 5जी टैब उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य प्रहरी और प्रोत्साहन राशि को जोड़कर भुगतान करने की मांग की गई.
धरना के दौरान सहियाओं ने कहा कि वे ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी कड़ी हैं. गांव-गांव तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है. ऐसे में सरकार को उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए सम्मानजनक मानदेय, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

