
कांड्रा: अवैध बालू खनन एवं परिवहन पर रोक के सरकारी दावों के बीच गुरुवार सुबह कांड्रा में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली. स्थानीय लोगों के अनुसार कांड्रा थाना के सामने से बालू लदे कई वाहन धड़ल्ले से गुजरते रहे, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं.


प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि वाहन संख्या JH 05EG 7964 सहित एक बिना पंजीकरण वाला वाहन तथा एक ट्रैक्टर बालू लेकर थाना के सामने से गुजरे. बताया जा रहा है कि इनमें से एक वाहन ने कांड्रा थाना से करीब 100 मीटर की दूरी पर ही बालू अनलोड भी किया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समय बालू लदे वाहन गुजर रहे थे, उसी दौरान थाना के सामने पुलिस द्वारा दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही थी. ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि यदि अवैध परिवहन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं तो उस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है.
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बालू खनन एवं परिवहन की शिकायत होने पर अक्सर इसे खनन विभाग का विषय बताकर जिम्मेदारी एक-दूसरे विभागों पर डाल दी जाती है. हालांकि लोगों का मानना है कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस, खनन विभाग और प्रशासन को समन्वित कार्रवाई करनी चाहिए.
गौरतलब है कि जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध अभियान चलाने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही जाती रही है. इसके बावजूद थाना के समीप से बालू लदे वाहनों के गुजरने की चर्चा ने निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग इस मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं और अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय






