रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं. यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से सोना कम खरीदने, विदेश यात्रा से बचने, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और फिजूल खर्ची में कटौती करने की अपील कर रहे हैं.

झामुमो की केंद्रीय समिति की ओर से लिखे गए पत्र में प्रधानमंत्री से कहा गया है कि वे विशेष परिस्थितियों को छोड़कर एक वर्ष तक अपनी विदेश यात्राएं स्थगित रखें. साथ ही भाजपा के रोड शो और राजनीतिक रैलियों को भी एक साल तक रोकने की मांग की गई है.
पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री अपने 12 कॉरपोरेट मित्रों का कर्ज माफ करना बंद करें. इसके अलावा मंत्री परिषद के सदस्यों और भाजपा शासित 22 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के काफिलों पर भी एक वर्ष तक रोक लगाने की मांग की गई है.
झामुमो ने प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल, जंगल और जमीन को कॉरपोरेट घरानों को सौंपने पर भी सवाल उठाया है. पार्टी ने कहा कि देश के मध्यम और लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर स्वदेशी उत्पादों को मजबूत किया जाना चाहिए. पत्र में कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं. झामुमो ने विदेशी खाद्य भंडारण समाप्त कर देशी कृषि उत्पादों और खाद्य वस्तुओं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने की मांग की है.
इसके अलावा सोना खरीदने को लेकर प्रधानमंत्री की अपील पर भी पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है. पत्र में कहा गया है कि भारतीय समाज में सोना महिलाओं के सम्मान और स्त्रीधन से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस तरह की अपील सामाजिक भावनाओं से जुड़ा विषय है. झामुमो ने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अप्रत्यक्ष रूप से देश में फिर से लॉकडाउन जैसी स्थिति लाना चाहती है, जिससे रोजगार और शिक्षा प्रभावित हो सकती है. यह पत्र झामुमो केंद्रीय समिति की ओर से महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के हस्ताक्षर से जारी किया गया है. राजनीतिक गलियारों में इस पत्र को लेकर चर्चा तेज हो गई है.



