
रांची: सरायकेला- खरसावां जिले में संजय नदी पर करीब 13 वर्ष पहले बनकर तैयार हुआ पुल आज भी आम लोगों के उपयोग में नहीं आ सका है. वजह है कि पुल का एप्रोच रोड आज तक पूरा नहीं बनाया गया. अब इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग को फटकार लगाई है.


यह मामला सामाजिक संगठन झारखंड लीगल एडवाइजरी एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश द्वारा दायर जनहित याचिका के बाद हाईकोर्ट पहुंचा. याचिका में बताया गया कि सरायकेला से खरसावां जाने वाले मार्ग पर संजय नदी पर करीब 120 मीटर लंबा आरसीसी पुल वर्ष 2013 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन एप्रोच रोड के अभाव में आज तक जनता इसका लाभ नहीं उठा सकी.
याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर 2025 को पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को 15 दिसंबर 2025 तक एप्रोच रोड निर्माण पूरा कर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था. साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने का निर्देश भी दिया गया था.

हालांकि विभाग समय पर काम पूरा नहीं कर सका. इसके बाद कार्यपालक अभियंता ने शपथ पत्र दाखिल कर 28 फरवरी 2026 तक अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ.
18 जून 2026 को हुई सुनवाई में झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं होना गंभीर मामला है. अदालत ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए आदेश दिया कि आदेश की प्रति मिलने के एक सप्ताह के भीतर वे स्वयं निर्माण स्थल का निरीक्षण करें और हर हाल में 18 अगस्त 2026 तक एप्रोच रोड का निर्माण पूरा कराएं.
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि वर्ष 2013 में पुल बनने के बावजूद वर्षों तक एप्रोच रोड क्यों नहीं बनाया गया, इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए. अदालत ने यह पता लगाने का भी निर्देश दिया कि इस लापरवाही के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद वर्षों से अधूरा पड़ा यह पुल आखिरकार जनता के लिए कब तक पूरी तरह चालू हो पाता है.
Edited By Sarita


