जामताड़ा: जिले के मिहिजाम शहर में विद्युत विभाग की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है. हिल रोड स्थित जैन मंदिर के सामने लगे एक जर्जर और असुरक्षित ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से एक गौ-माता की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रांसफार्मर से लटक रहे 11 हजार वोल्ट के खुले तारों की चपेट में आने से गौ-माता की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और विभागीय लापरवाही के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की गई.
स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त ट्रांसफार्मर लंबे समय से खतरनाक स्थिति में है. कई बार बिजली विभाग और नगर परिषद के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई थी. साथ ही ट्रांसफार्मर को ऊंचा करने अथवा उसके चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी करने की मांग भी की गई थी. इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.
एक स्थानीय निवासी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार शिकायत और चेतावनी देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो इस बेजुबान पशु की जान बचाई जा सकती थी.
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने शहर के सभी असुरक्षित और सड़क किनारे स्थित ट्रांसफार्मरों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मरों के चारों ओर मजबूत लोहे की जाली लगाई जाए तथा उन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी पशु या व्यक्ति को ऐसी दुर्घटनाओं का सामना न करना पड़े.
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मिहिजाम के सहायक विद्युत अभियंता संतोष मंडल ने बताया कि जैन मंदिर के समीप हुई दुर्घटना की जानकारी विभाग को प्राप्त हो चुकी है. उन्होंने कहा कि संबंधित ट्रांसफार्मर को ऊंचे स्थान पर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इसके अलावा मिहिजाम क्षेत्र के सभी पुराने और सड़क के समीप स्थित ट्रांसफार्मरों को चिन्हित कर उन्हें भी सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
यह घटना केवल एक बेजुबान पशु की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भी गंभीर उदाहरण है. अब लोगों की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बिजली विभाग अपने आश्वासनों को धरातल पर कब तक उतारता है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



