जामताड़ा/ Yogesh Kumar शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुखिया मंगल सोरेन के नेतृत्व में उपायुक्त को पुल निर्माण कार्य में हो रही अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपा. शिकायत मिलते ही उपायुक्त रवि आनंद ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आईटीडीए निदेशक जुगनू मिंज के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया और तत्काल निर्माण स्थल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया.

उल्लेखनीय है कि यह पुल ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के माध्यम से निर्मित किया जा रहा है, जिसका शिलान्यास मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा किया गया था. यह पुल लंबे समय से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग रही है. शुक्रवार को ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर उपायुक्त ने एसडीओ, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं अन्य पदाधिकारियों की टीम को निरीक्षण हेतु स्थल पर भेजा.
निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन किया. स्थल पर सूचना बोर्ड न लगे होने पर अधिकारियों ने संवेदक को कड़ी फटकार लगाई. निरीक्षण के बाद कार्य की गुणवत्ता से असंतुष्ट होकर अधिकारियों ने जेसीबी मशीन लगाकर बुनियाद तक खुदाई करने का निर्देश दिया, ताकि नींव की मजबूती की पुनः जांच की जा सके.
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक मॉडल एस्टीमेट का अनुमोदन रांची से प्राप्त नहीं होता, तब तक किसी भी परिस्थिति में कार्य पुनः प्रारंभ न किया जाए. प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि निर्माण कार्य में गड़बड़ी या मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित संवेदक और विभागीय पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

