जामताड़ा: चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (सीएलडब्ल्यू) क्षेत्र में रविवार को रेलवे निजीकरण, लेबर कोड और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के विरोध में रेलकर्मियों और मजदूर संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया. चित्तरंजन मजदूर यूनियन के बैनर तले आयोजित “मीटिंग-कम-स्ट्रीट कॉर्नर” सभा में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और यूनियन सदस्यों ने भाग लिया.


अमलदही मार्केट स्थित पुनर्जन्म भवन के समीप आयोजित सभा की अध्यक्षता यूनियन के महासचिव दिपंकर भट्टाचार्य ने की. उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि रेलवे जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है, जिसका मजदूर वर्ग पुरजोर विरोध करेगा.
सभा में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पश्चिम बर्धमान जिला एआईयूटीयूसी (AIUTUC) के महासचिव साव्यसाची गौस्वामी ने कहा कि लेबर कोड कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करने वाला कदम है. उन्होंने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को कर्मचारियों के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग की.
कार्यक्रम के दौरान रेलकर्मियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
सभा में मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि रेलवे और श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी. कार्यक्रम का समापन एकजुटता और संघर्ष के संकल्प के साथ हुआ.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

