जामताड़ा/ Manish Baranwal भारतीय जनता पार्टी जिला इकाई में नए पदाधिकारियों की घोषणा के बाद संगठन के भीतर असंतोष उभर कर सामने आया है. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की सहमति से जारी सूची को लेकर कई कार्यकर्ताओं ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह सूची असंतुलित और पक्षपातपूर्ण है.

बताया जा रहा है कि घोषित 16 जिला पदाधिकारियों में से 8 केवल जामताड़ा नगर क्षेत्र से हैं, जबकि जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के गोराइनाला, जामताड़ा ग्रामीण, पबिया, नारायणपुर और गोपालपुर जैसे पांच मंडलों से एक भी प्रतिनिधि को जगह नहीं मिली है. इसको लेकर अन्य मंडलों के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है.

नाराज कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से संगठन में सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है. कुछ कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से जिलाध्यक्ष के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई है और चयन प्रक्रिया पर पक्षपात का आरोप लगाया है.
कार्यकर्ताओं का मानना है कि सूची से यह संकेत मिलता है कि संगठन में संतुलन और व्यापक प्रतिनिधित्व का अभाव है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह की स्थिति बनी रही, तो पार्टी को आने वाले समय में संगठनात्मक स्तर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. कुछ नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर यह भी कहा कि पिछले चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन प्रभावित हुआ है. उनका दावा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हार का अंतर बढ़ा है, वहीं नगर निकाय चुनाव में भी पार्टी समर्थित प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा. इसके अलावा हाल ही में मिहिजाम क्षेत्र के कुछ नेताओं के पार्टी छोड़कर अन्य दलों में शामिल होने की बात भी सामने आई है.
हालांकि, इस पूरे मामले पर पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अंदरखाने उठ रही असंतोष की आवाजें संगठन के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं.

