जामताड़ा: आसनसोल मेन रेलखंड पर रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मिहिजाम नगर के कानगोई क्षेत्र से गुजरने वाले व्यस्त रेल मार्ग पर रेलवे ट्रैक के नीचे लगे कई स्लीपर क्षतिग्रस्त पाए गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इन जर्जर स्लीपरों के बावजूद इस मार्ग से लगातार यात्री ट्रेनें और भारी मालगाड़ियां गुजर रही हैं, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.


जानकारी के अनुसार पोल संख्या 235/30 के समीप रेलवे लाइन के नीचे लगे दर्जनभर स्लीपर टूट-फूट की स्थिति में हैं. रेलवे ट्रैक की मजबूती और स्थिरता बनाए रखने में स्लीपरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ऐसे में उनकी खराब स्थिति रेल परिचालन की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है.
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन को इस समस्या की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है. उनका कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान स्थिति विभागीय उदासीनता को दर्शाती है.
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि समय रहते क्षतिग्रस्त स्लीपरों को नहीं बदला गया, तो भविष्य में किसी बड़े रेल हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि आसनसोल मेन रेलखंड पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण रेल मार्गों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रेनों का परिचालन होता है. ऐसे में ट्रैक की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही हजारों यात्रियों की जान को जोखिम में डाल सकती है.
स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, ट्रैक का निरीक्षण कराने तथा क्षतिग्रस्त स्लीपरों को शीघ्र बदलने की मांग की है. उनका कहना है कि किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय रेलवे प्रशासन को समय रहते आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है और रेल मार्ग की सुरक्षा को लेकर उठ रही चिंताओं का समाधान कैसे करता है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

