जमशेदपुर: उत्कल एसोसिएशन, जमशेदपुर में चल रहे विवाद के बीच संगठन को बड़ा झटका लगा है. संस्था के संरक्षक एसके बेहरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने ट्रस्टी मनोरंजन दाश के साथ बैठक के बाद यह निर्णय लिया. इस्तीफे के पीछे उन्होंने संगठन में लगातार बढ़ रहे विवाद, आपसी मतभेद और मामला न्यायालय तक पहुंचने को प्रमुख कारण बताया.



एसके बेहरा ने कहा, “मैं ऐसा इंसान हूं, जहां ज्यादा विवाद होता है वहां से खुद को किनारा करने में ही भलाई समझता हूं. मैं हमेशा संस्था का बाहर से समर्थन करता रहा हूं, लेकिन अब उससे भी दूरी बना रहा हूं.”
उन्होंने कहा कि 50 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने हमेशा पारदर्शिता और सिद्धांतों को प्राथमिकता दी है. संस्था के भीतर बढ़ते विवाद और चुनाव प्रक्रिया को लेकर असहमति के कारण उन्होंने यह निर्णय लिया. पत्रकारों से बातचीत में एस. के. बेहेरा ने कहा कि किसी भी सामाजिक संस्था में टकराव और वैचारिक मतभेद संस्था के हित में नहीं होते. उन्होंने कहा कि संस्था की गरिमा और अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए उन्होंने स्वयं को इससे अलग रखने का फैसला किया है.
बातचीत के दौरान वह भावुक भी हो गए. उन्होंने कहा, “जिस प्रकार कुछ बच्चे अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम भेज देते हैं. आज मुझे भी इस संस्था में वैसी ही उपेक्षा और आघात का अनुभव हो रहा है.” उन्होंने बताया कि चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए उन्होंने कुछ सुझाव दिए थे. लेकिन वार्षिक आमसभा (AGM) में कथित तौर पर 109 नए सदस्यों को तत्काल मतदान का अधिकार दे दिया गया. उनका कहना है कि नए सदस्यों को जोड़ने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन बिना एक्जीक्यूटिव कमिटी की स्वीकृति के उन्हें तत्काल वोटिंग राइट देना निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े करता है.
एस. के. बेहेरा ने सुझाव दिया कि नए सदस्यों की पारदर्शी जांच के लिए चुनाव तीन महीने के लिए स्थगित किया जाए. अथवा नए सदस्यों को कम से कम दो वर्ष बाद मतदान का अधिकार दिया जाए. उन्होंने कहा कि नए सदस्यों की वैधता को लेकर मामला संबंधित प्राधिकारियों के समक्ष विचाराधीन है. वहीं कुछ सदस्यों ने इस मामले में उच्च न्यायालय का भी रुख किया है. हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाल लेते हैं और संस्था में सौहार्दपूर्ण माहौल बनता है. तो वह संगठन के हित में अपने इस्तीफे पर पुनर्विचार कर सकते हैं.





