सरायकेला: शुक्रवार सुबह करीब सात बजे पटनायक टोला में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम की दस्तक के साथ शुरू हुई कार्रवाई रात करीब नौ बजे तक चली. लगभग 14 घंटे की तलाशी और पड़ताल के दौरान कारोबारी एवं ठेकेदार संजय डालमिया के आवास और कार्यालय में दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य कागजात की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है.


उपलब्ध जानकारी के अनुसार ED की कार्रवाई का संबंध झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े करीब 35 करोड़ रुपये के कथित ऋण मामले से बताया जा रहा है. हालांकि तलाशी में क्या-क्या मिला और कौन से दस्तावेज या सामग्री जब्त की गई, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल ED की ओर से सामने नहीं आई है.
घर और कार्यालय में ताला, खुलवाकर शुरू हुई जांच
सूत्रों के मुताबिक ED की टीम जब पटनायक टोला पहुंची तो संजय डालमिया के आवास और कार्यालय में ताला लगा था. इसके बाद ताले खुलवाकर परिसरों की तलाशी ली गई. टीम ने अलमारियों और वहां मौजूद दस्तावेजों के साथ वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की.
सूत्रों का दावा है कि संजय डालमिया को पूर्व में ED की ओर से तीन बार समन भेजा गया था, लेकिन वे पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए. उनके वर्तमान ठिकाने को लेकर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में उन्हें सीधे तौर पर ‘फरार’ घोषित करने संबंधी किसी आधिकारिक ED बयान की पुष्टि अभी नहीं हुई है.
35 करोड़ के कथित ऋण मामले पर जांच की नजर
इस कार्रवाई की अहम कड़ी सहकारिता बैंक से जुड़ा करीब 35 करोड़ रुपये का कथित ऋण मामला बताया जा रहा है. सामने आई जानकारियों के मुताबिक जांच एजेंसी ऋण से जुड़े दस्तावेजों, बैंकिंग लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है.
इस मामले में बैंक अधिकारियों और ऋण लेने वालों की भूमिका को लेकर पूर्व में भी जांच और न्यायिक कार्रवाई की जानकारी सामने आती रही है. शुक्रवार की कार्रवाई में ED किन विशेष वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है, इस संबंध में एजेंसी की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.
झारखंड-ओडिशा के सात ठिकानों पर कार्रवाई की सूचना
मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के अनुसार कार्रवाई केवल सरायकेला के पटनायक टोला तक सीमित नहीं रही. झारखंड और ओडिशा में संजय डालमिया एवं उनसे जुड़े लोगों के कुल सात ठिकानों पर कार्रवाई किए जाने की सूचना है. इनमें कारोबारी प्रतिष्ठान और क्रशर से जुड़े परिसर भी शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि सातों ठिकानों की आधिकारिक सूची और वहां हुई बरामदगी का विवरण ED की ओर से सार्वजनिक नहीं किया गया है.
संपत्ति के कागजात और डिजिटल उपकरण भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार तलाशी के दौरान जमीन एवं अन्य चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई. सोने से संबंधित कुछ कागजात, लैपटॉप, मोबाइल और दूसरे डिजिटल उपकरणों की पड़ताल की चर्चा है. इनमें से क्या जब्त किया गया और क्या केवल जांच के दायरे में लिया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में संपत्ति की कीमत अथवा किसी सामग्री की बरामदगी से जुड़े दावों की पुष्टि ED की जानकारी सामने आने के बाद ही हो सकेगी.
भतीजे पूरब डालमिया को साथ ले जाने की सूचना
सूत्रों से एक और जानकारी सामने आई है कि संजय डालमिया के भतीजे पूरब डालमिया को ED की टीम जमशेदपुर स्थित उनके आवास से अपने साथ ले गई. हालांकि एजेंसी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया या ले जाया गया अथवा इसके पीछे कोई अन्य कानूनी प्रक्रिया है.
14 घंटे की कार्रवाई के बाद अब आधिकारिक खुलासे का इंतजार
सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के कारण पूरे दिन पटनायक टोला में हलचल बनी रही. अब सबसे अहम सवाल यह है कि लगभग 14 घंटे की जांच में ED को क्या मिला और जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी. फिलहाल बरामदगी और जब्ती की आधिकारिक सूची सामने नहीं आने के कारण संपत्ति, डिजिटल उपकरणों तथा अन्य लोगों की भूमिका से जुड़ी जानकारियों को पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता. ED की आधिकारिक जानकारी और आगे की जांच के बाद ही करीब 35 करोड़ रुपये के कथित ऋण मामले में शुक्रवार की कार्रवाई की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी.
प्रमोद सिंह (संपादक)

