
जमशेदपुर: ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल युग के अनुरूप तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में रोटरैक्ट क्लब ऑफ नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘डिजिटल शिक्षा 2.0’ परियोजना के दूसरे चरण की शुरुआत सिमुरडांगा हाई स्कूल से की. इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, डिजिटल साक्षरता और आधुनिक तकनीक से जोड़कर भविष्य के लिए तैयार करना है.


परियोजना के तहत आयोजित पहले शिक्षण सत्र में कक्षा चार से आठ तक के विद्यार्थियों को कंप्यूटर की मूलभूत जानकारी, उसके उपयोग, डिजिटल साक्षरता तथा अन्य आवश्यक तकनीकी विषयों से अवगत कराया गया. रोटरैक्ट क्लब के 10 से 21 स्वयंसेवकों ने संवादात्मक एवं रोचक तरीके से प्रशिक्षण दिया. विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए नई तकनीकों को सीखने में विशेष रुचि दिखाई.
यह अभियान अगले तीन महीनों तक प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा. इसके माध्यम से 380 से अधिक विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि उनके तकनीकी कौशल, डिजिटल ज्ञान और आत्मविश्वास का विकास हो सके तथा वे भविष्य की डिजिटल दुनिया की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें.
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव नागेंद्र सिंह ने कहा कि आज के समय में डिजिटल शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है. ऐसे प्रयास विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी तैयार करते हैं.
कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद रोटरैक्ट क्लब ने शिक्षा, तकनीकी जागरूकता और कौशल विकास के क्षेत्र में भविष्य में भी ऐसे समाजोपयोगी कार्यक्रम लगातार संचालित करने का संकल्प दोहराया. विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने ‘डिजिटल शिक्षा 2.0’ अभियान को प्रभावशाली शुरुआत दिलाई.
Edited By Sarita Mahato





