
जामताड़ा: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के दो दिवसीय सातवें राज्य सम्मेलन का शनिवार को जामताड़ा स्थित जी.के. पैलेस भवन में विधिवत शुभारंभ हुआ. सम्मेलन की शुरुआत महासंघ के वरीय प्रतिनिधियों द्वारा झंडोत्तोलन के साथ हुई. इसके बाद मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता एआईसीसीटीयू, नई दिल्ली के महासचिव कामरेड राजीव डिमरी, राज्य सचिव भूषण कुमार, एआईसीसीटीयू झारखंड के महासचिव कामरेड शुभेंदु सेन, सिंघेश्वर सिंह, स्वागताध्यक्ष अरविंद प्रसाद, प्रेम चंद्र सिन्हा (गोप गुट), संरक्षक अर्जून सिंह तथा अशोक चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया.


सम्मेलन के पहले दिन अनुबंध कर्मियों के स्थायीकरण, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, वेतन विसंगतियों के समाधान तथा कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्य वक्ता कामरेड राजीव डिमरी ने कहा कि छठे वेतन पुनरीक्षण समिति की अनुशंसाओं के अनुरूप सभी योग्य वर्ग-4 कर्मचारियों को वर्ग-3 का दर्जा दिया जाए. साथ ही वर्ग-3 के रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पदों पर उन्हें वरीयता के आधार पर पदोन्नति दी जाए.

उन्होंने चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड) पर तत्काल रोक लगाने, मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर कथित रूप से एनआरसी लागू करने संबंधी आदेश वापस लेने तथा पुरानी पेंशन योजना लागू होने की स्थिति में कर्मचारियों से एनपीएस के तहत काटी गई राशि वापस करने अथवा उसे सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ.) खाते में समायोजित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि महासंघ ने सरकार के समक्ष कर्मचारियों से जुड़ी 25 महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जिनका शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए.
महासंघ के मुख्य संरक्षक तारणी प्रसाद कामत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां कर्मचारियों तथा मजदूरों के हित में नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं और श्रम संहिताओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पूरे राज्य के कर्मचारियों को एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना होगा.

सम्मेलन में झारखंड के सभी 24 जिलों के प्रतिनिधियों के साथ 78 कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य भाग ले रहे हैं. इसके अलावा नई दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से भी प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल हुए हैं.
महासंघ ने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी तथा संगठन की भावी रणनीति तय की जाएगी
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





