
जमशेदपुर: पोखारी स्थित नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के रोटरैक्ट क्लब ने सेवा, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वार्षिक सम्मान समारोह 2025- 26 में एक साथ 15 प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए हैं. इस उपलब्धि के साथ क्लब ने न केवल विश्वविद्यालय बल्कि झारखंड का भी गौरव बढ़ाया है और दक्षिण एशिया के उत्कृष्ट रोटरैक्ट क्लबों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है.


समारोह में क्लब द्वारा संचालित सामाजिक, शैक्षणिक और जनकल्याणकारी परियोजनाओं की विशेष सराहना की गई. वंचित वर्गों तक शिक्षा पहुंचाने, जरूरतमंदों की सहायता करने, सामाजिक जागरूकता फैलाने और युवाओं को सेवा कार्यों से जोड़ने की दिशा में किए गए कार्यों को निर्णायक मंडल ने उत्कृष्ट बताया.
रोटरैक्ट क्लब को सार्वजनिक छवि निर्माण, डिजिटल शिक्षा, सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक गतिविधियों, परियोजना संचालन, दस्तावेजीकरण, जनसंपर्क और क्लब प्रबंधन सहित कई श्रेणियों में सम्मानित किया गया. इसके अलावा क्लब को “वर्ष का सर्वश्रेष्ठ संस्थान आधारित रोटरैक्ट क्लब” तथा क्लब अध्यक्ष को “वर्ष का सर्वश्रेष्ठ अध्यक्ष” चुना गया, जिसे संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धियों में माना जा रहा है.
क्लब की प्रमुख सामाजिक परियोजनाओं “शिखा”, “छांव”, “राखी बिक्री एक कारण के लिए” और “रोटरैक्टर बने सांता” को भी विशेष सम्मान प्राप्त हुआ. वहीं दक्षिण एशिया स्तर पर मिले मान्यता प्रमाणपत्र ने क्लब की उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है.
क्लब अध्यक्ष ने कहा कि यह सम्मान केवल ट्रॉफियां नहीं, बल्कि प्रत्येक सदस्य की मेहनत, समर्पण और समाज सेवा की भावना का परिणाम हैं. उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार, मार्गदर्शकों और सभी रोटरैक्टर्स के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगे भी समाजहित में इसी समर्पण के साथ कार्य जारी रहेगा.
क्लब के मॉडरेटर ने कहा कि प्रत्येक परियोजना का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना था. इन सम्मानों ने यह साबित कर दिया है कि युवाओं की ऊर्जा, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम है.
नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के रोटरैक्ट क्लब की यह उपलब्धि युवा शक्ति और सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है. 15 प्रतिष्ठित सम्मानों के साथ क्लब ने यह संदेश दिया है कि समाजहित को प्राथमिकता देने वाले युवा देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह






