जमशेदपुर: झारखंड में आर्म रेसलिंग (पंजायुद्ध) खेल को बढ़ावा देने और राज्य की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से जमशेदपुर आर्म रेसलिंग क्लब की ओर से विशेष प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसमें पलामू, धनबाद, बोकारो समेत राज्य के विभिन्न जिलों से करीब 100 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी ताकत एवं खेल कौशल का प्रदर्शन किया.


प्रतियोगिता के आयोजक सुनील कुमार ने बताया कि केरल और ओडिशा जैसे राज्यों के खिलाड़ी आर्म रेसलिंग के क्षेत्र में काफी आगे हैं. वहां के एथलीट विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं, जबकि झारखंड के खिलाड़ी इस खेल में अभी अपेक्षाकृत पीछे हैं. राज्य में आर्म रेसलिंग को लेकर जागरूकता और जानकारी की कमी भी इसकी एक प्रमुख वजह है.
उन्होंने कहा कि इसी कमी को दूर करने और स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रतियोगिता आयोजित की गई है. इसके माध्यम से बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा. साथ ही अनुभवी एथलीटों के माध्यम से नए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने की भी योजना है, ताकि झारखंड में इस खेल का मजबूत आधार तैयार किया जा सके.
प्रतियोगिता में पुरुष खिलाड़ियों के साथ महिलाओं के लिए भी अलग से मुकाबले आयोजित किए गए. हालांकि महिला खिलाड़ियों की भागीदारी फिलहाल कम रही. आयोजकों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाएं इस खेल से जुड़ेंगी और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी.
सुनील कुमार ने बताया कि आर्म रेसलिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के साथ-साथ सरकारी नौकरी पाने के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं. ऐसे में यह खेल युवाओं के लिए बेहतर करियर विकल्प बन सकता है. उन्होंने युवाओं से आर्म रेसलिंग से जुड़ने, नियमित अभ्यास करने और अपनी प्रतिभा को निखारने की अपील की.

