सरायकेला: बिरसा मुंडा स्टेडियम में दो दिनों तक फुटबॉल का रोमांच, खिलाड़ियों का जुनून और खेलप्रेमियों का उत्साह चरम पर रहा. सरायकेला टाइगर की ओर से आयोजित चम्पई कप फुटबॉल प्रतियोगिता का रविवार को शानदार समापन हुआ. पुरुष वर्ग के फाइनल में जेएमपीए रांची ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एमएमसी शंकरपुर को शिकस्त देकर खिताब पर कब्जा जमाया. वहीं महिला और 40 प्लस वर्ग में भी खिलाड़ियों ने अपने दमखम से दर्शकों का दिल जीत लिया. प्रतियोगिता ने एक बार फिर साबित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें उचित मंच और अवसर देने की.


पुरुष वर्ग की विजेता जेएमपीए रांची की टीम को डेढ़ लाख रुपये नकद और ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता एमएमसी शंकरपुर को एक लाख रुपये देकर सम्मानित किया गया. 40 प्लस वर्ग के फाइनल में ब्लैक पैंथर ने जेएमपीए रांची को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया. विजेता टीम को 50 हजार तथा उपविजेता टीम को 35 हजार रुपये नकद और ट्रॉफी प्रदान की गई. महिला वर्ग में स्टील सिटी जमशेदपुर ने ड्रैगन एफसी चाईबासा को हराकर खिताब अपने नाम किया. विजेता टीम को 15 हजार रुपये नकद और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया.
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के पुत्र बबलू सोरेन ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि चम्पई कप केवल फुटबॉल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का एक सशक्त मंच है. खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना की सीख देता है. गांवों में ऐसे अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जिन्हें सही अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं. इस तरह के आयोजन खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देने का काम करते हैं. उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि खेल के विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है.
जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने कहा कि प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने जिस अनुशासन, खेल भावना और कौशल का परिचय दिया है, वह सराहनीय है. ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और उचित मंच के अभाव में कई प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पाती हैं. चम्पई कप जैसी प्रतियोगिताएं इन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर प्रदान करती हैं. उन्होंने कहा कि खेल को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए, ताकि गांवों के खिलाड़ी भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकें.
जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि ग्रामीण खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन और अवसर देना बेहद जरूरी है. चम्पई कप जैसी प्रतियोगिताएं युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर देती हैं. आज गांवों में भी बेहतर खेल क्षमता रखने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं. जरूरत है उनकी प्रतिभा को पहचानने और तराशने की. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सरायकेला का नाम रोशन करेंगे.
समापन समारोह में प्रमुख लक्ष्मी गागराई, पूर्व प्रत्याशी सुनीता बोदरा सहित आयोजन समिति के सदस्य, विभिन्न टीमों के खिलाड़ी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद रहे। पुरस्कार वितरण के साथ दो दिवसीय प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण समापन हुआ.

