गिरिडीह: जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत मघाकला पंचायत के काजिमगहा गांव में एक दर्दनाक हादसे ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जर्जर कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे मलबे में दबकर वृद्ध महिला हीरिया देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं. हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया.



घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय ग्रामीणों और माले नेता असगर अली ने तत्काल मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जमुआ पहुंचाया.
प्राथमिक जांच में चिकित्सकों ने उनके पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की.
घटना के बाद माले नेता असगर अली ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पात्र महिला को पक्का आवास उपलब्ध कराया गया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने पर समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था की भी पोल खुल गई.
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में जर्जर मकानों में रहने को मजबूर गरीब परिवार हर पल हादसे के खतरे के बीच जीवन गुजार रहे हैं. उनका आरोप है कि कई बार आवास की मांग करने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका.
वहीं, मघाकला पंचायत के मुखिया अबूजर नोमानी ने बताया कि हीरिया देवी का नाम आवास सूची में शामिल है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी से बात कर उन्हें अंबेडकर आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
फिलहाल ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से घायल महिला के बेहतर इलाज, आर्थिक सहायता और शीघ्र पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही यह सवाल भी उठाया है कि जब लाभुक का नाम आवास सूची में पहले से था, तो अब तक उन्हें योजना का लाभ क्यों नहीं मिला.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा





