सरायकेला: गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित यौन शोषण के मामले में पुलिसिया कार्रवाई के बाद अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. रविवार को पूर्व सांसद एवं भाजपा नेत्री गीता कोड़ा के नेतृत्व में भाजपाइयों ने गम्हरिया थाना पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और आरोपी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग की. साथ ही जिले के सभी थानों को महिला फ्रेंडली बनाने की मांग उठाई. गीता कोड़ा ने बताया कि एसपी ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है.


इस दौरान पूर्व सांसद ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को निकम्मा करार दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं. मुख्यमंत्री एक तरफ मंईयां सम्मान योजना की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ थाना परिसर जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों पर भी महिलाओं के साथ जघन्य अपराध हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब महिलाएं थानों में ही सुरक्षित नहीं रहेंगी तो न्याय की उम्मीद कहां करेंगी.

झामुमो का पलटवार, भाजपा को अपने शासनकाल की घटनाओं की दिलाई याद
इधर झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घटना सामने आते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है. आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और संबंधित पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हुई है. मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है. उन्होंने भाजपा को अपने शासनकाल की घटनाओं की याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि तत्कालीन रघुवर दास सरकार के दौरान आदित्यपुर थाना परिसर में भाजपाइयों ने एक महिला पदाधिकारी के साथ अभद्रता की थी और उनके कपड़े तक फाड़ दिए थे. महिला थाना कर्मी के साथ भी बदसलूकी की थी. उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा उस घटना को किस नजरिए से देखती है.
डॉ. महतो ने कहा कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर है. दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए. महिला सुरक्षा राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.
थानेदार सहित पांच निलंबित, आरोपी आरक्षी जेल भेजा गया
उल्लेखनीय है कि गम्हरिया थाना प्रकरण सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. वहीं आरोपी वायरलेस ऑपरेटर आरक्षी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है. जांच में किसी अन्य पुलिस पदाधिकारी या कर्मी की संलिप्तता सामने आने पर उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आरोपी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल की अनुशंसा करने का भरोसा दिलाया है, ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके. फिलहाल गम्हरिया थाना प्रकरण को लेकर भाजपा और झामुमो आमने-सामने हैं. दोनों दलों की बयानबाजी के बीच पीड़िता को न्याय दिलाने और थानों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का मुद्दा प्रमुखता से उभरकर सामने आया है.


