गम्हरिया: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नव ज्योति विद्या मंदिर, जगन्नाथपुर में विद्यार्थियों द्वारा अपने शिक्षकों के सम्मान में भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम श्रद्धा, सम्मान और भारतीय गुरु- शिष्य परंपरा की भावना से ओत- प्रोत रहा.



कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि वेदव्यास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. इसके बाद विद्यार्थियों ने गुरु महिमा पर आधारित कविताएं, नारे, गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया. विद्यार्थियों ने अपने जीवन में गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही ज्ञान, संस्कार और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं.
विद्यालय की शिक्षिकाओं श्रीमती सुषमा एवं श्रीमती अर्चना ने गुरु पूर्णिमा के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान की जानकारी दी.

इस विशेष अवसर पर विद्यालय के सचिव डॉ. संजीव कुमार श्रीवास्तव ने स्वयं रचित विद्यालय गीत का शुभारंभ किया. विद्यालय परिवार ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे संस्था के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया.
इसी दिन कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के समापन समारोह का भी आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया.
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अनामिका श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों का सम्मान, उनके प्रति कृतज्ञता और उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरु दक्षिणा है. उन्होंने कहा कि माता-पिता, विशेषकर मां, जीवन की प्रथम और सर्वोच्च गुरु होती हैं. इसलिए उनका सम्मान और आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है. कार्यक्रम श्रद्धा, अनुशासन और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.





