जामताड़ा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा की ओर से आवासीय आश्रम बालिका विद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार उपस्थित थे. पैनल अधिवक्ता बबली साव एवं विद्यालय की प्रधानाचार्य मार्शिला मरांडी भी मौजूद थीं.


कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं परिचय के साथ हुआ. प्रधानाचार्य मार्शिला मरांडी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. उन्होंने छात्राओं से विधिक जानकारी हासिल कर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया. मुख्य अतिथि पवन कुमार ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुता एवं गरिमा जैसे मूल्यों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों की जानकारी होना भी जरूरी है. जागरूक नागरिक ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं. पैनल अधिवक्ता बबली साव ने दहेज प्रथा, लैंगिक समानता और महिलाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी. उन्होंने दहेज प्रथा को सामाजिक कुरीति बताते हुए इसके दुष्परिणामों और इससे बचाव के लिए उपलब्ध कानूनी संरक्षण के बारे में छात्राओं को जागरूक किया.
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने दहेज प्रथा पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया. प्रभावशाली अभिनय और संवाद के माध्यम से छात्राओं ने दहेज के कारण परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया. नाटक के जरिए दहेज प्रथा के खिलाफ समाज को जागरूक होने का संदेश दिया गया. अतिथियों एवं शिक्षकों ने छात्राओं की प्रस्तुति की सराहना की.
मौके पर पवन कुमार, जितेंद्र नाथ मंडल, इंद्राणी पांडेय, रुचि राजजहान, नागेंद्र मिश्रा, बाबिता हांसदा, सावित्री हेम्ब्रम, सौरव कुमार झा एवं अदिति मेहरा सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं व छात्राएं उपस्थित थीं. कार्यक्रम के सफल आयोजन में PLV मधु कुमारी, मौसमी मुर्मू, आनंद महतो, शबाना यास्मीन, विश्वजीत पॉल, जगत मोहन महतो, अमित कुमार मिश्रा एवं मेघा गुप्ता ने सक्रिय सहयोग किया.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

