सरायकेला- खरसावां: जिले में जमीन विवाद का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. दरअसल गम्हरिया अंचल के छोटा गम्हरिया क्षेत्र से जुड़े एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने डीसी पर अदालत को गुमराह करने सम्बंधी आदेश पारित किया है. जिसकी कॉपी यूपीएससी और गृह मंत्रालय को भेजने का निर्देश दिया है.

इधर इस मामले में ग्रामीणों ने न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि उनके द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार प्लॉट संख्या 956 से संबंधित विवाद में उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्हें पक्षकार नहीं बनाया गया. इस मामले में “Original Suit No. 89/2019” का हवाला देते हुए कहा गया है कि पूर्व में भी इस जमीन को लेकर विवाद रहा है और प्रशासनिक स्तर पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और बाद में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसे अपने नाम दर्ज करा लिया गया.
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से उक्त भूमि के पास शांतिपूर्वक रह रहे हैं, लेकिन बिना उनकी बात सुने उन्हें प्रक्रिया से बाहर रखा गया. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि भूमि मापी और जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसे लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है. बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और न्यायालय में उन्हें भी पक्षकार बनाया जाए, ताकि वे अपना पक्ष रख सकें. उन्होंने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है. फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर गंभीर होता जा रहा है और अब सभी की नजर इस पर है कि संबंधित विभाग और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं.
गौरतलब है कि प्रशासनिक स्तर पर जमीन की जांच में पाया गया है कि 1958-59 सर्वे सेटलमेंट के अनुसार गम्हरिया अंचल के खाता नंबर 155 अनाबाद बिहार सरकार के करीब 53 डिसमिल जमीन जिसके प्लॉट संख्या 956 में 18 डिसमिल खाली जमीन है, 17 डिसमिल जमीन में मकान, आंगन और सहन है. 13.2 डिसमिल जमीन में आम रास्ता और बिजली का ट्रांसफार्मर है और 4.2 डिसमिल जमीन पर वर्तमान में पानी टंकी बैठा है. साथ ही एक अन्य का दखल है, जो दावेदार मोतीलाल महतो के रिश्तेदार हैं. यदि जमीन मोतीलाल महतो को हस्तांतरित कर दिया गया तो करीब दो दर्जन ग्रामीणों के आने- जाने का रास्ता बंद हो जाएगा. मोतीलाल महतो ने इस मामले में अपने रिश्तेदारों के अलावा उपायुक्त सरायकेला और गम्हरिया सीओ को पाटी बनाया है.
इस मामले पर डीसी सरायकेला नीतीश कुमार सिंह ने बताया कि वे न्यायपालिका का सम्मान करते हैं. फैसले की पुनः समीक्षा कर अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा इसके लिए विधि- विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है.
Santosh Kumar (Chief Editor)

