
कांड्रा: हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से पदमपुर स्थित अमर शहीद वीर सिंधु-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने वीर शहीदों के संघर्ष एवं बलिदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के ने कहा कि हूल दिवस झारखंड के स्वाभिमान, संघर्ष और जनअधिकारों का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1855 में वीर शहीद सिंधु-कान्हु, चांद और भैरव ने अंग्रेजी शासन तथा शोषण के विरुद्ध ऐतिहासिक हूल आंदोलन का नेतृत्व किया था, जिसका इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है.
युवा नेता सन्नी सिंह ने कहा कि झारखंड के महापुरुषों के संघर्ष और बलिदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना समाज की जिम्मेदारी है. उन्होंने युवाओं से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया.
वक्ताओं ने कहा कि झारखंड के शहीदों के आदर्श आज भी समाज को अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देते हैं. उन्होंने सामाजिक न्याय, एकता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर भी बल दिया.
इस अवसर पर झामुमो के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के, नायके बाबा सिंगराई मार्डी,युवा नेता सन्नी सिंह, गम्हरिया प्रखंड उपाध्यक्ष राम महतो, गौतम महतो, विनय कुमार महतो,राजेश भगत, देवीलाल बेसरा,इंद्रो मुर्मू सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे. कार्यक्रम का समापन वीर शहीद सिंधु-कान्हु को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुआ.






