सरायकेला: जिले में पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन डिवाइस अभियान” का सकारात्मक असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है. गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को खरसावां थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए थाना क्षेत्र से गुम हुए कुल पांच मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया.

मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई. कई लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन खरसावां थाना पुलिस की सक्रियता और तकनीकी टीम की मेहनत से उन्हें राहत मिली.
जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देश पर जिलेभर में केंद्रीय उपकरण पहचान पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन की खोज और बरामदगी को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और निगरानी के जरिए विभिन्न स्थानों से पांच मोबाइल फोन बरामद किए.
इसके बाद मोबाइल धारकों को थाना बुलाकर आवश्यक दस्तावेजों एवं पहचान का सत्यापन किया गया तथा विधिवत उनके मोबाइल उन्हें सौंप दिए गए. मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने खरसावां थाना पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में मोबाइल केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, दस्तावेज, पढ़ाई और जरूरी सूचनाओं का अहम माध्यम बन चुका है. ऐसे में मोबाइल खो जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने कहा कि थाना पुलिस जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. गुम हुए मोबाइल की बरामदगी को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत थाना में सूचना दें, ताकि तकनीकी माध्यम से उसे खोजकर बरामद किया जा सके.
उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिले में तकनीक आधारित पुलिस व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है. खरसावां थाना पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह संदेश गया है कि अब पुलिस आधुनिक तकनीक के सहारे आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह



