रांची/ खरसावां: दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (Commonwealth Parliamentary Conference) में झारखंड से खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने भाग लिया. सम्मेलन में भारत के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विधायिका के प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं. भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश कर रहे हैं.


केप टाउन में 13 से 19 सितंबर तक आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के सांसद, पीठासीन अधिकारी और संसदीय प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. सम्मेलन का मुख्य विषय बदलती विश्व व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने में राष्ट्रमंडल की भूमिका है.
संसदीय व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर मंथन
प्राप्त जानकारी के अनुसार सम्मेलन के दौरान राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में हुए विचार-विमर्श में संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने, जनहित के मुद्दों को सदनों में प्रभावी ढंग से उठाने और विभिन्न देशों की संसदीय व्यवस्थाओं के अनुभव साझा करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई.
सम्मेलन के आधिकारिक कार्यक्रम में संसदीय लोकतंत्र, अंतरराष्ट्रीय कानून, जवाबदेही, समावेशी विकास और संसदीय संस्थाओं के समक्ष उभरती चुनौतियों से जुड़े विभिन्न सत्र रखे गए हैं. 17 सितंबर को CPA की जनरल असेंबली भी आयोजित हुई, जिसमें 100 से अधिक CPA शाखाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
गागराई ने झारखंड से जुड़े विषयों पर रखी बात
खरसावां विधायक दशरथ गागराई की ओर से साझा जानकारी के मुताबिक उन्होंने बैठक में झारखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकास संबंधी परिस्थितियों का उल्लेख किया. उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिवासी समुदायों के उत्थान से जुड़े विषयों पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया.
गागराई ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-अलग देशों और राज्यों की संसदीय कार्यप्रणाली एवं अनुभवों को समझने का अवसर मिलता है. इन अनुभवों का उपयोग स्थानीय स्तर पर जनहित और विकास से जुड़े कार्यों में किया जा सकता है.
69वां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका की संसद और Commonwealth Parliamentary Association की दक्षिण अफ्रीका शाखा की मेजबानी में आयोजित किया गया है. इसमें राष्ट्रमंडल के विभिन्न हिस्सों से संसदीय प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.

