नई दिल्ली: बीएसएनएल कर्मचारियों और पेंशनरों के तीसरे वेतन पुनरीक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्थिति स्पष्ट की है. संचार मंत्रालय ने बताया कि बीएसएनएल में तीसरा वेतन पुनरीक्षण अब तक लागू नहीं किया गया है, क्योंकि सार्वजनिक उपक्रम विभाग की निर्धारित वहनीयता संबंधी शर्तें पूरी नहीं हो रही हैं.



लोकसभा में सांसद कुलदीप इंदौरा ने 12 अगस्त 2026 को पूछे गए अतारांकित प्रश्न के माध्यम से बीएसएनएल कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 1 जनवरी 2017 से लंबित तीसरे वेतन पुनरीक्षण, वेतन पुनरीक्षण समिति की सिफारिशों और इसके क्रियान्वयन की समयसीमा को लेकर सरकार से जानकारी मांगी थी.
संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने लिखित जवाब में बताया कि सार्वजनिक उपक्रम विभाग के 3 अगस्त 2017 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार वेतनमान में संशोधन इस शर्त के अधीन है कि संशोधित वेतन पैकेज लागू करने के वर्ष में बोर्ड स्तर, बोर्ड स्तर से नीचे के अधिकारियों और गैर-संघीकृत पर्यवेक्षकों पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय भार, इससे पहले के तीन वित्तीय वर्षों के औसत कर-पूर्व लाभ यानी पीबीटी के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए.
सरकार के अनुसार बीएसएनएल में तीसरा वेतन पुनरीक्षण इसलिए लागू नहीं किया गया है, क्योंकि कंपनी निर्धारित वहनीयता मानदंड को पूरा नहीं करती है.
सरकार ने यह भी बताया कि मार्च 2025 में गठित वेतन पुनरीक्षण समिति ने 8 अक्टूबर 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों पर मौजूदा नीतिगत ढांचे, सार्वजनिक उपक्रम विभाग के लागू दिशा-निर्देशों और अतिरिक्त वित्तीय प्रभाव को ध्यान में रखते हुए विचार किया जा रहा है. हालांकि सरकार के जवाब में तीसरे वेतन पुनरीक्षण को लागू करने की कोई निश्चित समयसीमा या कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया भुगतान की निर्धारित तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है.





