आदित्यपुर: विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर मंगलवार को नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सभा कक्ष में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र- छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई.


कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. केएन. सिंह ने की. इस अवसर पर डॉ. एनके. सिन्हा सहित अन्य चिकित्सकों ने यक्ष्मा रोग के लक्षण, कारण और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला.
वक्ताओं ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन समय पर जांच और सही इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. उन्होंने छात्रों को शुरुआती लक्षणों जैसे लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी. कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों के लिए मुफ्त जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. साथ ही मरीजों के पोषण के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाती है.
चिकित्सकों ने मेडिकल छात्रों से अपील की कि वे समाज में जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं और लोगों को समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित करें. कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने टीबी से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे और विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की. अंत में सभी ने मिलकर टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया.



