आदित्यपुर: थाना क्षेत्र के वार्ड 17 इंद्रा बस्ती में रविवार को भुजाली लेकर घूमने और स्थानीय लोगों को डराने- धमकाने के आरोप में बस्तीवासियों ने दो युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. युवकों की पहचान राज नाग और मांशु मंडल के रूप में बताई गई है. दोनों इंद्रा बस्ती के ही रहने वाले हैं.


स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों युवक आए दिन बस्ती में लोगों को धमकाते हैं. उन पर चोरी और मारपीट की घटनाओं में शामिल रहने के आरोप भी लगाए गए हैं. आरोप है कि बस्ती में छुटभैये गुंडे इन दिनों आतंक मचा रहे हैं. बस्ती ड्रग्स तस्करों का नया हब बन रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार पुलिस को मौखिक शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस का कहना है कि जबतक लिखित शिकायत नहीं मिलता तब तक कार्रवाई नहीं की जाएगी. यही कारण है कि छुटभैये बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है. हालांकि रविवार की घटना के बाद बस्तीवासी एकजुट हुए हैं और पुलिस को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.
बस्तीवासियों के अनुसार रविवार को दोनों युवक कथित रूप से भुजाली लेकर इलाके में घूम रहे थे और लोगों को डरा- धमका रहे थे. इससे नाराज लोगों ने दोनों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी. इसके बाद दोनों को आदित्यपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है. साथ ही स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. इस संबंध में पुलिस का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है. अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है.
*वार्ड 17 बन रहा छुटभैये बदमाशों का सेफ जोन, जयप्रकाश उद्यान और प्रभात पार्क हॉटस्पॉट*
उल्लेखनीय है कि वार्ड 17 स्थित जयप्रकाश उद्यान और प्रभात पार्क के समीप अवैध रूप से चल रहे स्ट्रीट फूड कॉर्नर असामाजिक तत्वों का केंद्रबिंदु बनता जा रहा है. रसूखदारों की सोसायटी होने के कारण किसी के खुलकर सामने नहीं आने के कारण पुलिस- प्रशासन कार्रवाई करने से बच रही है. नगर निगम जब कार्रवाई करने उतरती है तो नेता रोजगार का हवाला देकर कार्रवाई रुकवा देते हैं उसके बाद फिर से मजमा लग जाता है जो देर रात तक जारी रहता है. उधर जयप्रकाश उद्यान में भी असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है. देर रात तक उद्यान में संदिग्धो का आना- जाना लगा रहता है. यहां टीओपी रहते हुए भी किसी प्रकार का रोकटोक नहीं होना कई सवालों को जन्म दे रहा है. वन विभाग की भूमिका भी कटघरे में नजर आ रही है. ऐसे में किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बगैर पुलिस- प्रशासन और वन विभाग को कड़े कदम उठाने की जरूरत है.

