जामताड़ा: दीपावली के शुभ अवसर पर ज्ञान रेनू विद्या निकेतन, पाड़ीडीह रोड, आजाद पाड़ा के प्रांगण में दीप सज्जा एवं कला-कौशल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साह और उमंग के साथ भाग लेकर अपनी रचनात्मकता, कलात्मक प्रतिभा एवं कल्पनाशीलता का शानदार प्रदर्शन किया.


दीप सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने मिट्टी के साधारण दीयों को रंगों, आकर्षक डिजाइनों और विभिन्न सजावटी सामग्रियों से सजाकर अपनी कला का परिचय दिया. वहीं, कला एवं हस्तशिल्प प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार की आकर्षक कलाकृतियां तैयार कर अपनी छिपी प्रतिभा को सामने रखा. बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के निदेशक श्यामल मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता विद्यार्थियों के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया. उन्होंने बच्चों की मेहनत, लगन और रचनात्मक सोच की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया.
इस अवसर पर निदेशक श्यामल मंडल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीपक केवल घरों को रोशन करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, संस्कार, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक भी है. जिस प्रकार एक छोटा-सा दीपक घने अंधकार को दूर कर प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार शिक्षा का प्रकाश समाज में व्याप्त अज्ञानता, अशिक्षा, अंधविश्वास और बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी अपने ज्ञान रूपी दीपक से स्वयं प्रकाशित हो और अपने परिवार, समाज तथा राष्ट्र को भी ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करे. उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारना, उनकी रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देना और उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है.
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि दीपावली का वास्तविक महत्व केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने जीवन में ज्ञान, प्रेम, सद्भावना और सकारात्मक सोच का प्रकाश फैलाना भी है. इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं त्योहारों के महत्व को समझने का अवसर भी प्रदान किया.
रिपोर्ट: मनीष वर्णवाल

