रामगढ़: पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक अंतरजिला मोटरसाइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की कुल 20 मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया.


एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि जिले में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. चोरी की घटनाओं से संबंधित CCTV फुटेज का विश्लेषण करने के साथ संदिग्धों के बारे में आसूचना संकलित की जा रही थी. इसी क्रम में पुलिस को गिरोह के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले.
CCTV फुटेज से मिला सुराग, बिना नंबर की बाइक पर दिखे दो संदिग्ध
एसपी के अनुसार 5 नवंबर को गुप्त सूचना मिली कि रामगढ़ शहर में पूर्व में हुई मोटरसाइकिल चोरी के CCTV फुटेज में दिखाई दिए संदिग्ध दोबारा मोटरसाइकिल चोरी करने की फिराक में घूम रहे हैं. सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वाहन जांच अभियान चलाया.

इसी दौरान CCTV फुटेज में दिखे संदिग्धों को नीले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली Hero HF Deluxe मोटरसाइकिल से जाते देखा गया. पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की. पकड़े गए युवकों ने अपना नाम सोनू राम और अर्जुन कुमार बताया.
पुलिस के अनुसार दोनों से मोटरसाइकिल के कागजात मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. इसके बाद उन्हें थाना लाकर पूछताछ की गई. जांच में उक्त मोटरसाइकिल के 9 अक्टूबर 2026 को चोरी होने की जानकारी सामने आई.
पूछताछ में खुलती गई गिरोह की कड़ी, चार जिलों तक फैला था नेटवर्क
एसपी मुकेश कुमार लुनायत के मुताबिक पूछताछ आगे बढ़ने पर अंतरजिला गिरोह की पूरी कड़ी सामने आने लगी. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग के विभिन्न क्षेत्रों से मोटरसाइकिल चोरी करते थे. चोरी की मोटरसाइकिलों को खपाने के लिए गिरोह ने अलग नेटवर्क तैयार कर रखा था. पुलिस के अनुसार चोरी की बाइक को रामगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बेचने में राकेश कुमार, कबाड़ी का काम करने वाला मंजूर खान, मोटर गैराज संचालक दिनेश्वर बेदिया और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई.
चोरी की बाइक का बदल देते थे इंजन-चेसिस नंबर
पुलिस की जांच में गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है. पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों का चेस्ट-नट खोलकर मॉडल और इंजन एवं चेसिस नंबर में हेरफेर करते थे. इसके बाद बदली हुई पहचान के सहारे मोटरसाइकिलों को अलग-अलग स्थानों पर बेच दिया जाता था. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी की गई कुल 20 मोटरसाइकिल बरामद की हैं.
ये सात आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस की ओर से जारी सूची के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सोनू राम (26), अर्जुन कुमार (19), राकेश कुमार (32), मंजूर खान (28), दिनेश्वर बेदिया (32), मो. इजाजुल अंसारी (28) और शमीम अंसारी (34) शामिल हैं. इनमें आरोपी रामगढ़, बोकारो, रांची और बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बताए गए हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं.
बरामद बाइकों में Hero, Honda, Bajaj के कई मॉडल
पुलिस द्वारा बरामद की गई 20 मोटरसाइकिलों में Hero HF Deluxe, Hero Splendor+, Passion Pro, Honda Shine, Bajaj Pulsar और Honda CB Shine समेत अलग-अलग मॉडल शामिल हैं. इनमें कई मोटरसाइकिलों पर झारखंड के अलग-अलग जिलों के रजिस्ट्रेशन नंबर हैं, जबकि कुछ वाहनों की पहचान चेसिस नंबर के आधार पर की जा रही है.
SIT बनाकर पुलिस ने की कार्रवाई
एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि गुप्त सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामगढ़ और पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय रामगढ़ के नेतृत्व में SIT गठित की गई थी. अभियान में गठित C.P. & D.W. के नोडल पदाधिकारी के साथ विभिन्न थाना और ओपी प्रभारियों को लगाया गया. छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक रंजन, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय अकरम रजा, पुलिस निरीक्षक सह रामगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार, गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, रामगढ़ थाना के रोशन कुमार, जॉनी कुमार, विकास कुमार, विश्वल हेंब्रम, मनीष कुमार और अविनाश कुमार, तकनीकी शाखा के चन्द्रशेखर पिप्पा, लालू सोरेन और दलीप कुमार चंगवाल, पतरातू थाना प्रभारी मिथिलेश यादव, रामगढ़ थाना के सुरेश विश्वकर्मा और रामगढ़ थाना के गृह रक्षक रामचन्द्र कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे.

एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने कहा कि जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों, विशेषकर मोटरसाइकिल चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. गिरफ्तार आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.

