सरायकेला: प्रखंड के मुंडाटांड़ पंचायत में हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया है. करीब एक दर्जन हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर कई एकड़ में लगी धान की फसल को तहस-नहस कर दिया. हाथियों के इस तांडव से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. खेतों में लहलहाती धान की फसल को बर्बाद होता देख किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.


मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड मुंडाटांड़ पंचायत के गांवों में घुस आया और खेतों में लगी धान की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया. किसानों की महीनों की मेहनत और उम्मीदों पर हाथियों ने पानी फेर दिया. घटना के बाद प्रभावित किसानों ने जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा को इसकी जानकारी देते हुए नुकसान से अवगत कराया.
किसानों की सूचना मिलते ही जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग और अंचल अधिकारी को इसकी जानकारी दी. उन्होंने प्रभावित किसानों की बर्बाद हुई धान की फसल का उचित आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की.

सोनाराम बोदरा ने कहा मुंडाटांड़ पंचायत में हाथियों के झुंड द्वारा किसानों की धान की फसल को नष्ट करना बेहद दुखद और चिंताजनक है. किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल तैयार करते हैं, लेकिन हाथियों के उत्पात से उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो जाती है। ऐसे में किसानों को उनके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता. वन विभाग और अंचल अधिकारी से मांग की गई है कि प्रभावित किसानों की फसल का तत्काल आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में पहल करें.
उन्होंने कहा कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए. साथ ही हाथियों के लगातार गांवों और खेतों में प्रवेश करने की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की जरूरत है, ताकि किसानों की फसल और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
हाथियों के झुंड के गांव में प्रवेश और फसल बर्बादी से ग्रामीणों में भय का माहौल है. किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द कार्रवाई करते हुए नुकसान का आकलन कराने तथा मुआवजा उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई है. अब देखना होगा कि किसानों की बर्बाद हुई फसल की भरपाई के लिए विभाग कितनी तेजी से कदम उठाता है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

