गम्हरिया: सरायकेला- खरसावां जिले के गम्हरिया थाना में फरियाद लेकर पहुंची एक महिला से जुड़ा बेहद गंभीर मामला सामने आया है. दुग्धा गांव की महिला को गुरुवार रात मारपीट की घटना के बाद सुरक्षा के लिए थाना लाया गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह वह थाना परिसर स्थित वायरलेस ऑपरेटर के कमरे में मिली. इसके बाद महिला ने अपने साथ गलत होने का आरोप लगाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गीयारी के निर्देश पर एसडीपीओ ने थाना पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.


प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को दुग्धा में महिला के साथ मारपीट की सूचना मिलने पर ओडी ऑफिसर एक कांस्टेबल के साथ मौके के लिए निकले थे. रास्ते में महिला मिलने के बाद थाना प्रभारी को सूचना देकर उसे गम्हरिया थाना लाया गया. बताया जा रहा है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से महिला को थाना परिसर के एक कमरे में रखा गया और बाहर से ताला लगा दिया गया.
वायरलेस ऑपरेटर ने खोला ताला, अपने कमरे में ले गया
बताया जाता है कि इसी दौरान थाना का वायरलेस ऑपरेटर वहां पहुंचा. उसने घटना की जानकारी लेने के लिए कमरे का ताला खोला. पूछताछ के दौरान महिला ने भूख लगने की बात कही, जिसके बाद ऑपरेटर उसे अपने कमरे में ले गया. बताया जा रहा है कि दोनों ने वहां खाना खाया और इसके बाद कमरे का दरवाजा अंदर से बंद हो गया.
शुक्रवार सुबह महिला निर्धारित कमरे में नहीं मिली तो थाना कर्मियों ने उसकी तलाश शुरू की. इसी दौरान वायरलेस ऑपरेटर के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिलने पर संदेह हुआ. काफी आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुलने पर उसे तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर दाखिल हुए. बताया जा रहा है कि कमरे के अंदर महिला और वायरलेस ऑपरेटर अलग-अलग सोए मिले.
महिला ने लगाया ‘गलत होने’ का आरोप, जांच का सबसे गंभीर बिंदु
मामले ने उस वक्त गंभीर रूप ले लिया जब महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ गलत हुआ है. महिला के आरोप की प्रकृति और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, यह जांच का विषय है. खबर लिखे जाने तक महिला की ओर से लिखित शिकायत नहीं दिए जाने की बात सामने आई है.
दिनभर थाना में हलचल, वरीय अधिकारियों को सूचना देने में देरी क्यों ?
इस पूरे घटनाक्रम में थाना स्तर की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह ही मामले की जानकारी थाना कर्मियों को हो गई थी और दिनभर थाना परिसर में इसे लेकर हलचल रही, लेकिन वरीय अधिकारियों तक तत्काल पूरी जानकारी नहीं पहुंची.
रात में मामला तब और गंभीर हुआ जब JLKM नेता प्रेम मार्डी ने महिला से बातचीत कर घटना की जानकारी ली. इसके बाद मामला वरीय अधिकारियों तक पहुंचा. एसपी के निर्देश पर शुक्रवार रात एसडीपीओ गम्हरिया थाना पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की.
थाना प्रभारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी जरूरी
इस मामले में सबसे बड़ा प्रशासनिक सवाल यह है कि सुरक्षा के लिए थाना लाई गई महिला की जिम्मेदारी किसकी थी ? महिला को बिना महिला पुलिसकर्मी की निगरानी में रात में क्यों रखा गया ? वायरलेस ऑपरेटर को उसका ताला खोलने की अनुमति किसने दी ? महिला उसके निजी कमरे तक कैसे पहुंची ? और सुबह घटनाक्रम सामने आने के बाद वरीय अधिकारियों को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई ? इन सवालों के जवाब थाना के ड्यूटी रोस्टर, स्टेशन डायरी, परिसर के CCTV फुटेज, वायरलेस लॉग और संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान की जांच से सामने आ सकते हैं.
एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि महिला ने फिलहाल लिखित शिकायत नहीं दी है. शिकायत मिलने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फरियाद और सुरक्षा की उम्मीद लेकर थाना पहुंची महिला के साथ जुड़ा यह घटनाक्रम बेहद गंभीर है. अब निगाह इस बात पर है कि जांच केवल वायरलेस ऑपरेटर तक सीमित रहती है या महिला की सुरक्षा, निगरानी और वरीय अधिकारियों को सूचना देने की जिम्मेदारी तय करते हुए पूरे घटनाक्रम में थाना स्तर की जवाबदेही भी तय की जाती है.

