सरायकेला: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा की गई. बैठक में उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर एवं सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आमजनों को इलाज, जांच और आवश्यक दवाओं के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए.


बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पीएमबारा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, सभी एमओआईसी, डीपीएमयू, बीपीएमयू सहित संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे.
बैठक के दौरान पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई. इस दौरान स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, दवा एवं जांच किट की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया.
उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम लोगों के जीवन और कल्याण से जुड़ी हैं. प्रत्येक व्यक्ति को समय पर गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सेवा भावना, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया.
समय पर दवा और जांच किट उपलब्ध कराने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं तथा प्रमुख बीमारियों की जांच के लिए जरूरी जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया. दवा एवं जांच किट के स्टॉक का नियमित सत्यापन करने और स्टॉक रजिस्टर को अद्यतन रखने पर विशेष जोर दिया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवा या जांच किट की कमी नहीं होनी चाहिए और लापरवाही की स्थिति में संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी.
सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित ड्यूटी समय पर अपने स्वास्थ्य केंद्र एवं कार्यस्थल पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया. कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी और अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि मरीजों को निर्धारित समय पर चिकित्सकीय परामर्श और उपचार मिल सके.
खराब उपकरणों की समयबद्ध मरम्मत के निर्देश
स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की नियमित जांच कराने तथा खराब उपकरणों की समयबद्ध मरम्मत अथवा आवश्यकता के अनुसार उन्हें बदलने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया. उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
स्वास्थ्य केंद्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यकता के अनुसार जनरेटर, इन्वर्टर एवं सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था सहित वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया.
टेली-कंसल्टेशन के प्रदर्शन पर सराहना
जिले में चिकित्सकों द्वारा टेली-कंसल्टेशन के क्षेत्र में किए जा रहे बेहतर प्रदर्शन पर उपायुक्त ने संबंधित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों तक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श पहुंचाने में टेली-कंसल्टेशन महत्वपूर्ण माध्यम है. इसे और प्रभावी बनाते हुए अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को इसका लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया.
टीबी, मलेरिया, डेंगू समेत अन्य बीमारियों की जांच पर जोर
उपायुक्त ने टीबी, मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू सहित अन्य प्रमुख बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया. ग्राम पंचायतों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित करने तथा चिन्हित मरीजों को तत्काल आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराने को कहा गया.
मलेरिया, फाइलेरिया एवं डेंगू जैसे मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए नियमित सर्वेक्षण एवं जांच अभियान चलाने, संभावित मरीजों की समय पर पहचान करने तथा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. जलजमाव की रोकथाम, स्वच्छता और मच्छरदानी के उपयोग को लेकर भी व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया.
शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश
सभी स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा निर्धारित आयु वर्ग के पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. टीकाकरण से वंचित लाभुकों की पहचान कर उनका टीकाकरण कराने और अभियान की नियमित निगरानी करने को कहा गया.
डायरिया सहित अन्य मौसमी एवं संचारी रोगों की रोकथाम के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने तथा लोगों को स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया.
एमओआईसी को क्षेत्र भ्रमण कर निगरानी का निर्देश
उपायुक्त ने सभी एमओआईसी को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर स्वास्थ्य केंद्रों का अनुश्रवण करने और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करने को कहा. स्वास्थ्य केंद्रों की आवश्यकताओं की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार लाने का निर्देश दिया गया.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा का उद्देश्य केवल बीमारी का उपचार करना नहीं, बल्कि बीमारी की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार, परामर्श और जनजागरूकता के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवेदनशीलता, समयबद्धता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया.
प्रमोद सिंह (संपादक)

