दूषित पानी, शौचालय में ताला और जर्जर भवन को लेकर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, पुलिस ने पहुंचकर कराया मुक्त


जामताड़ा: जिला अंतर्गत करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कठबरारी में सोमवार दोपहर विद्यालय की कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया. आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्यालय सचिव धर्मेंद्र कुमार को कार्यालय के अंदर बंद कर बाहर से ताला जड़ दिया. सूचना मिलने पर एएसआई उमेश मेहरा पुलिस बल के साथ विद्यालय पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर करीब 20 से 25 मिनट बाद सचिव को कार्यालय से बाहर निकलवाया. पुलिस एवं ग्रामीणों की पहल के बाद मामला शांत कराया गया.
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को कथित रूप से दूषित पानी पिलाया जा रहा है. इतना ही नहीं, इसी पानी का इस्तेमाल मध्यान भोजन तैयार करने में भी किए जाने का आरोप लगाया गया. ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी चिंताजनक है.
शौचालय में ताला, तालाब जाने को मजबूर बच्चे
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय के शौचालयों में लंबे समय से ताला बंद है. इसके कारण बच्चों को शौच के लिए विद्यालय परिसर से बाहर स्थित तालाब की ओर जाना पड़ता है. अभिभावकों ने इसे बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए विद्यालय प्रबंधन से तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की.
जर्जर कक्षाओं को लेकर भी जताई चिंता
ग्रामीणों ने विद्यालय की जर्जर कक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि भवन की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है. ग्रामीणों ने विद्यालय में पेयजल, शौचालय और भवन समेत मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जांच कराने की मांग की.
यूको क्लब की राशि से कथित निकासी पर सवाल
इधर, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने यूको क्लब की राशि से पौधरोपण के नाम पर करीब 10 हजार रुपये की कथित अवैध निकासी का आरोप लगाया. इसी मामले को लेकर विद्यालय सचिव से पूछताछ की जा रही थी. पूछताछ के दौरान ही ग्रामीणों और सचिव के बीच विवाद बढ़ गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें कार्यालय में बंद कर दिया.
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस की मौजूदगी में सचिव को कार्यालय से बाहर निकाला गया. फिलहाल ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ग्रामीणों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर कार्रवाई की मांग की है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

